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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 20.pdf/४६८

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४३६ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय गांधीजीने अपना भाषण जारी रखते हुए कहा कि मिलोंमें तैयार किये गये कपड़े पहनने में आपको काफी सावधान रहना चाहिए। राष्ट्रीय दृष्टिकोणसे मशीनका बना कपड़ा वांछनीय नहीं है। वहीं पुरुष या स्त्रियाँ सुन्दर हैं जो अपना काम अपने लिए और देशके लिए सन्तोषजनक ढंगसे करते हैं । मेरे सामने जो स्त्रियाँ बैठी हुई हैं, उनसे में प्रार्थना करूँगा कि वे बिना किसी शंकाके खादी पहनें, क्योंकि जबतक वे विदेशी वस्त्रका बहिष्कार नहीं करतीं, वे स्वराज्यका दावा नहीं कर सकतीं । भाषण समाप्त करते हुए गांधीजीने कहा कि जो लोग विदेशों में तैयार किये गये वस्त्रका बहिष्कार करनेको राजी हैं वे उन कपड़ोंको या तो गरीबोंकी मददके लिए स्मरना भेज दें या भारतसे बाहर कहीं और भेज दें या पहली अगस्तको जलवा दें। जैसे बने वैसे विदेशी वस्त्रोंको पूरी तरह नष्ट कर देना चाहिए। अलबत्ता हर व्यक्ति अपने उन पुराने विदेशी वस्त्रोंको संजोकर रखना चाहेगा जो उसे उसके प्रिय मित्रों या सम्बन्धियोंने प्रेमोपहारके रूपमें दिये हैं, परन्तु देशकी पुकारको सुनकर इस तरहके वस्त्र भी नष्ट कर देने चाहिए; या कहीं और भेज देने चाहिए। [ अंग्रेजीसे ] बॉम्बे क्रॉनिकल, २२-७-१९२१ २१०. भाषण : बम्बई में स्वदेशीपर ' २२ जुलाई, १९२१ जब महात्मा गांधी बोलनेके लिए उठे तब जोरको हर्षध्वनि हुई। उन्होंने कहा कि मैं शहरमें जगह-जगह स्त्री-पुरुषोंके सामने भाषण देता रहा हूँ और मैं समझता हूँ कि आपसे स्वदेशीके सम्बन्धमें कुछ नई बात कहना सम्भव न होगा। मेरे पास लख- नऊसे एक सज्जन आये थे । उन्होंने मुझे बताया कि संयुक्त प्रान्तमें कुछ गड़बड़ी चल रही है। सरकारने एक व्यक्तिको मामूली अपराधके कारण एक बहुत अँधेरी कोठरी में बन्द कर दिया और वह व्यक्ति अभी कैदमें ही है। उक्त सज्जनने मुझसे प्रश्न किया कि ऐसी स्थिति में मनुष्यको क्या करना चाहिए। मैंने उन्हें सभी कष्ट धैर्यपूर्वक सहने- की सलाह दी। आप सबको अपने हृदयों में धैर्य नामक सद्गुण लाना चाहिए। मुझे पक्का पता नहीं कि उक्त सज्जनने जो बातें कहीं हैं वे सच हैं या नहीं, क्योंकि तीन दिनतक लगातार अँधेरी कोठरी में बन्द रहना बहुत ही कठिन है। निस्सन्देह ऐसी ही घटनाका अनुभव मुझे भी है, क्योंकि अभीतक हम पंजाब में विदेशियों १. मोरारजी गोकुलदास हॉलमें 'ओ' वार्ड कांग्रेस कमेटीके तत्त्वावधानमें गांधीजीने रातके ९ बजे यह भाषण दिया था । Gandhi Heritage Porta