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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 20.pdf/५०४

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२२७. भाषण : बम्बई में खादी-प्रदर्शनीके उद्घाटनपर' ३१ जुलाई, १९२१ महात्मा गांधीने प्रदर्शनीके उद्घाटनकी घोषणा करते हुए कहा कि में अध्यक्षा तथा अतिया बेगमका कृतज्ञ हूँ जिन्होंने इसके लिए इतना परिश्रम किया। अतिया बेगमने इसे सफल बनाने के लिए रात-दिन काम किया है। मैं जानता हूँ कि उनके साथ और भी कार्यकर्ता थे। में उनकी भी प्रशंसा करता हूँ । किन्तु इस पूरी प्रदर्शनीके कामको गति प्रदान करनेवाली शक्ति अतिया बेगम ही थीं । मुझे इस बातकी प्रसन्नता है कि इस देशमें इस प्रकारकी महिलाएँ हैं जिनमें संगठनकी इतनी महान् क्षमता है । इस सम्बन्धमें अध्यक्षा तथा उनकी बहनने जो कुछ किया है उसके लिए में उन्हें धन्य- वाद देता हूँ । मुझे इससे और भी अधिक प्रसन्नता होती है कि संगठन करने वाली बहन मुसलमान हैं। यह दुर्भाग्यकी बात है कि इतने समय बाद लोगोंको खद्दरसे बहुत-सी चीजें तैयार होने की बात बताई जा रही है। मुझे आशा है कि लोग इस प्रदर्शनीका लाभ उठायेंगे। खद्दरकी परिभाषा करते हुए उन्होंने बताया कि देशमें ही विशुद्ध रूपसे हाथकते सूतका हाथबुना कपड़ा खादी है। मुझे इस बातसे हर्ष होता है कि यह देश महीनसे-महीन वस्त्र बनाने में समर्थ है, विशेषकर बेजवाड़ा और गंजाम जिलोंमें ऐसा कपड़ा बनाया जाता है। इस सभा में मौजूद बहनों में से बहुत-सी बहने मद्रास अहातेके उन भागों में बनी साड़ियाँ अवश्यमेव पहने हुए होंगी। उन्हें इस बातपर गर्व होना चाहिए कि यह देश ऐसी महीन साड़ियाँ तैयार करने में समर्थ है। किन्तु जिस व्यक्ति- को इस काम अर्थात् इस प्रकारके महीन वस्त्रके उत्पादनका प्रमुख श्रेय है वह भी यहाँ मौजूद है। किन्तु उसने अपने प्रान्त में खद्दरको लोकप्रिय बनाया और वहाँ उसके उत्पादनको प्रोत्साहन दिया, इसके लिए उसे अपराधी माना गया है। मैं यह नहीं कहता कि वह खादीका लोगों में प्रचार कर रहा था, केवल इसीलिए उसे जेल भेजा गया । किन्तु जहाँतक में जानता हूँ उसका इसके अतिरिक्त और कोई अपराध नहीं था कि उसने लोगोंके बीच खादीका बहुत प्रचार किया। सरकार अब उस जैसे लोगों से डरती है । इसलिए वह कुछ-न-कुछ स्याह-सफेद करके ऐसे लोगों को जेल भेजने- की कोशिश कर रही है। इसलिए यह हमारा कर्तव्य है कि हम आन्ध्र केसरी तथा कांग्रेस व स्वदेशीके जबरदस्त कार्यकर्त्ता वेंकटप्पैयाके समान सफेद खादी पहनकर जेल जायें। सरकार यह १. गांधीजीने रामबाग, सी० पी० टैंकमें राष्ट्रीय स्त्री-सभा द्वारा आयोजित प्रदर्शनीका उद्घाटन किया था । Gandhi Heritage Portal