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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 20.pdf/५४९

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भाषण : गयामें ५१७ इसलिए भारतकी नैतिक और आर्थिक मुक्ति प्रमुख रूपसे आपपर निर्भर करती है । भारतका भविष्य आपपर ही निर्भर है, क्योंकि भावी पीढ़ीका लालन- पालन आपके ही हाथमें है । आप चाहें तो भारतके बच्चोंका इस प्रकार लालन-पालन कर सकती हैं जिससे वे सादगी पसन्द, ईश्वरप्रेमी और वीर स्त्री-पुरुष बनें; और आप चाहें तो वे कमजोर, जीवनकी आँधी झेलनेके लिए अनुपयुक्त तथा उन महीन विदेशी वस्त्रोंका उपयोग करनेवाले भी बन सकते हैं जिन्हें छोड़ने में फिर वे कठिनाई महसूस करेंगे। आगामी कुछ सप्ताहोंमें मालूम हो जायेगा कि भारतकी महिलाएँ किस मिट्टीकी बनी हैं। मुझे इसमें लेशमात्र भी सन्देह नहीं कि आप क्या चुनेंगी। भारतका भाग्य जितना आपपर निर्भर करता है उतना उस सरकारपर नहीं, जिसने भारतका इतना शोषण किया है कि उसका खुद अपनेपर ही विश्वास नहीं रहा । महिलाओंकी प्रत्येक सभामें मैंने राष्ट्रीय प्रयत्नोंकी सफलताके लिए आपके आशीर्वाद- की माँग की है और मैंने ऐसा इस विश्वासके साथ किया है कि आप पवित्र हैं, आपको सादगी पसन्द है और आपमें आशीर्वाद देने योग्य धर्मपरायणता है। विदेशी वस्त्रोंका उपयोग छोड़कर और अपनी फुरसतके समय राष्ट्रके लिए नियमित रूपसे चरखा कातकर आप अपने आशीर्वादको निश्चय ही सफल बना सकती हैं । आपका स्नेही भाई, मो० क० गांधी [ अंग्रेजीसे ] यंग इंडिया, ११-८-१९२१ २५२. भाषण : गयामें' १२ अगस्त, १९२१ महात्मा गांधीने श्रोताओंको सम्बोधित करते हुए कहा कि मुझे इस बातपर शर्म महसूस हो रही है कि में गो-रक्षा के प्रश्नपर भाषण देनेके लिए इलाहाबादसे यहाँ आया हूँ। वो मौलानाओंने आपको बताया कि उस विषयपर उनका धर्म क्या कहता है। कोई व्यक्ति गायत्री न जपने तथा सन्ध्या और गायकी रक्षा न करनेपर भी हिन्दू कहला सकता है। साथ ही हिन्दू धर्म आपको मुसलमानों या अंग्रेजों को मारनेके लिए भी नहीं कहता। आपको गायकी कुर्बानीसे होनेवाले दुःखको सहनेके लिए तैयार रहना चाहिए। १. गांधीजीने ९-३० बजे रातको एक सार्वजनिक सभा में भाषण दिया था जिसमें लगभग २०,००० व्यक्ति उपस्थित थे । उनके साथ मौलाना मुहम्मद अली और मौलाना आजाद सुभानी भी थे । २. मौलाना मुहम्मद अली और मौलाना आजाद सुभानी जिन्होंने उनसे पहले भाषण दिये थे । . Gandhi Hage Portal AD