पत्र : गिरधारीलाल दयालको ४९१ कर्त्ता से अपील करता हूँ कि वह अपनी पूरी ऊँचाईतक उठे, धर्मके प्रति अपने कर्त्तव्य- का स्मरण करे और इस संहारको रोकने में कोई कसर न रहने दे। ईश्वर हम सबको हर कीमतपर उचित कार्य करनेकी सुबुद्धि और साहस दे । [ अंग्रेजीसे ] यंग इंडिया, २४-११-१९२१ २००. पत्र : गिरधारीलाल दयालको आपका सेवक, मो० क० गांधी साबरमती कार्तिक वदी ४ [ १९ नवम्बर, १९२१] शा० गिरधारीलाल, आपका पत्र मिला । यह जानकर दुःख हुआ कि आपके बहनोईको चोट लग गई है। धैर्य रखनेको कहने के अलावा मैं इसका और क्या उपाय सुझा सकता हूँ ? शा० गिरधारीलाल दयाल दूसरी मंजिल ठक्कर कानजी केशवजीनो मालो सातऋषि गली बम्बई अंग्रेजी पत्र (एस० एन० ७६८०) की फोटो नकल से । मोहनदास गांधी १. इस पत्रपर बेपता-पत्र कार्यालय ( डेड-लेटर आफिस ) की १० दिसम्बर, १९२१ की तारीख पड़ी हुई है, और गांधीजीने इसपर कार्तिक वदी ४ की तारीख दी है । १९२१ में कार्तिक वदी ४, १९ नवम्बरको पड़ी थी । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 21.pdf/५२३
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