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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 3.pdf/२५२

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२१२ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय 'रैंड राइफल्स' में भर्ती हों, न्यूनाधिक रूपमें उपचार मात्र है । वास्तवमें यदि वे यह नहीं चाहते कि भारतीय 'रैंड राइफल्स' में भर्ती हों तो कमसे कम इसे उनकी वापसीमें रुकावट डालने के लिए उपयोगमें न लाया जाये। यह स्मरण रहे कि बहुत-सी यूरोपीय महिलाओं को जानेकी अनुमति दे दी गई है। और रोजाना ट्रान्सवालके लिए परिवारके-परिवार गाड़ियों में बैठते दिखाई देते हैं। आपको सूचना देते हुए मुझे खेद होता है कि यह पत्र लिखनेके समयतक और कोई अनुमति पत्र नहीं मिला, यद्यपि छः अनुमति-पत्र देनेका वादा किया गया है- -- चार नेटालके और दो केपटाउनके लिए । किन्तु वास्तव में अनुमति-पत्रोंका सवाल तो आखिर अर्थहीन और केवल अस्थायी है, यद्यपि जबतक यह मौजूद है तबतक इस सर्वग्राही प्रश्नको तुलनामें कि नई हुकूमतमें भारतीयोंकी क्या स्थिति है, कठिनाई और भी अधिक महसूस होगी । अभीतक इस आशय की घोषणा नहीं की गई है कि कमसे कम वर्तमान कानूनमें तो बहुत-कुछ सुधार कर ही दिया जायेगा । हमारे लन्दनके मित्र लॉर्ड मिलनरकी उपस्थितिका लाभ उठाकर वहाँ जो कुछ कर लेंगे उसीमें हमारी आशाएँ केन्द्रित हैं । आशा है अगले सप्ताह आपको अधिक लिख सकूंगा । तबतक आपको पुनः धन्यवाद । दफ्तरी अंग्रेजी प्रतिकी फोटो नकल (एस० एन० ३८५३) से । १४५. भाषण : भारतीय विद्यालय में आपका बहुत सच्चा, डर्बन में भारतीय उच्च शिक्षा विद्यालय ( हायर - ग्रेड इंडियन स्कूल) के पुरस्कार वितरण समारोह में गांधीजीने जो भाषण दिया था उसका पत्रोंमें प्रकाशित संक्षिप्त विवरण नीचे दिया जाता है । समारोहके अध्यक्ष नेटालके गवर्नर सर हेनरी मैफ-फैलम थे । [ डर्बन जून २८, १९०१ के पूर्व ] परमश्रेष्ठ गवर्नर महोदयके प्रति धन्यवादका प्रस्ताव पेश करते हुए श्री गांधीने कहा कि परमश्रेष्ठने अपने कार्य कालके प्रारम्भमें ही और इतने सौजन्यके साथ भारतीयोंके सम्पर्क में आनेकी जो कृपा की इसपर भारतीय समाज अगर गर्व और सन्तोष अनुभव करे तो यह उचित ही है । इस प्रसंगपर श्री गांधीने लॉर्ड रॉबर्ट्सके आगमन के समय आयरिश असोसिएशन और भारतीय समाजके बीच जो होड़ चल पड़ी थी उसका हवाला देते हुए कहा :- तब आयरिश असोसिएशन कहता कि लॉर्ड रॉबर्ट्स आयरिश हैं, और भारतीय कहते कि वे भारतीय हैं । परमश्रेष्ठको तो पहले ही स्कॉटलैंडके लोग अपना बता चुके हैं। परन्तु सर हेनरीको दत्तक प्रथाके अनुसार भारतीय कहनेके पर्याप्त कारण उनके पास हैं ( हँसी)। श्री गांधीने आशा प्रकट की कि सरकारने जो व्यायामशाला, संगीत-वर्ग वगैरह विद्यालय में खोलने का आश्वासन दिया है उसकी वह शीघ्र ही पूर्ति कर देगी। उन्होंने यह भी आशा प्रकट की कि हायर ग्रेड स्कूलके समान ही लड़कियोंके लिए भी एक ऐसा विद्यालय सरकार खोलने की कृपा करेगी । [ अंग्रेजीसे ] नेटाल मर्क्युरी, २८-६-१९०१ Gandhi Heritage Portal