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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 3.pdf/२५८

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२१८ (c) सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय मेरा निवेदन है कि समितिने जो कुछ किया वह उसका कर्तव्य मात्र था । और, अगर फिर कभी कोई अवसर आया तो नगर परिषद नगरके स्वास्थ्यके हितमें जो भी उपाय करेगी उसमें भारतीय समाजका सहयोग पूर्ववत् तत्परता से प्राप्त होगा । दफ्तरी अंग्रेजी प्रतिकी फोटो नकल (एस० एन० ३९१०) से । १५४. नेटाल भारतीय कांग्रेसका चिट्ठा आपका विश्वासपात्र, नेटाल भारतीय कांग्रेसका ३१ अगस्त, १९०१ तकका आय-व्ययका चिट्ठा जब कांग्रेसके सामने पेश करनेके लिए तैयार किया गया, तब गांधीजीने देखा कि चन्दे और दानकी ७२३ रकमोंकी सूची में, जिसका योग ३,४०४ पौंड था, कुछ भूल है । उन्होंने अपनी सहीके साथ निम्नलिखित टोप लिख दी और अपने ही अक्षरों में चिट्ठेमें नीचे बताया हुआ परिवर्धन कर दिया । सितम्बर [?] १९०१ टीप खातेके जोड़ और आय-व्ययके चिट्ठेमें दिखाई गई रकममें, जो कि सही रकम है, अन्तर रोकड़ बहीसे रकमें खताते समय की गई किसी भूलका नतीजा है। मुझे यह कार्य करनेका समय नहीं मिला, यद्यपि रोकड़ बही दो बार जाँच ली गई है। यह भूल शायद इसलिए हुई कि बहुत से लोगोंका नाम रसीदें ले लेनेपर भी चन्दा न देनेके कारण काट दिया गया है। रोकड़ बही जाँच ली गई होती तो इस भूलका पता तुरन्त लग जाता । [आय-व्ययके चिट्ठेमें परिवर्धन ] (आय-व्ययके चिट्ठेमें जोड़ें) मो० क० गांधी सूचीके अनुसार चन्दे तथा दानसे ३१ अगस्त, १९०१ तक प्राप्त हुई रकम, जिसमें १८२ पौंडके ऋणकी रकम भी शामिल है । अन्तरका कारण चिट्ठेके नीचे दी हुई टीपमें देखें । [ अंग्रेजीसे ] साबरमती संग्रहालय, जिल्द ९६६ । Gandhi Heritage Portal