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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 31.pdf/५८९

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सन्देश : ' फॉरवर्ड ' को ५५३ जो रुपया खर्च करेंगे वह आपको चक्रवृद्धि ब्याज सहित वापस मिल जायेगा । आप मिल-मालिकोंसे लाभांशकी माँग करते हैं लेकिन उनका कहना है कि उनके पास लाभांश देनेके लिए धन नहीं है । मैं आपसे कहता हूँ कि जबतक आप लोग मद्यपान आदि दुर्गुणोंको न छोड़ेंगे तबतक आपकी माँगका आपके मालिकों या मैनेजरोंपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अपने कष्टोंको दूर करनेका उपाय आप लोगोंके ही हाथमें है । मिलोंमें स्वराज्य लानेके लिए आपको अपने सब दुर्गुणोंका त्याग करना पड़ेगा । आपको मिलोंमें यह समझकर पूर्ण उत्साहसे काम करना चाहिए, मानो आप स्वयं मिलोंके मालिक हैं । आपको अपने संघको इस प्रकार संगठित करना चाहिए कि कोई भी मजदूर उसका सदस्य बने बिना न रहे। आपका संघ देश-भर में प्रसिद्ध है; परन्तु इससे आपको फूल नहीं जाना चाहिए। यह संघ देश भरमें उत्तम माना जाता है क्योंकि यह इतना सुव्यवस्थित है । परन्तु जबतक अपनी जानकारीमें आई हुई कमजोरियोंको आप दूर नहीं कर लेते तबतक आपको चैनसे नहीं बैठना चाहिए। उन्नतिकी कोई सीमा नहीं होती । [ गुजरातीसे ] गुजराती, ३१-१०-१९२६ ५७४. सन्देश : फॉरवर्ड' को मैं 'फॉरवर्ड' को अपनी शुभ कामनाएँ भेजता हूँ । सुभाष बोस जैसे नौजवानोंको बाकायदा मुकदमा चलाये बिना जितने दिनोंतक जेलमें बन्द रखा जायेगा, उतनी ही तेजीसे हम अपने लक्ष्यकी ओर आगे बढ़ेंगे । स्वतन्त्रताका संघर्ष कोई खेल नहीं है । इस वास्तविक और कठोर संघर्षमें हमें अपने हजारों अच्छेसे अच्छे साथियोंकी बलि देनी पड़ेगी । और हमें यह कीमत चुकाने में किसी प्रकारका आगा-पीछा नहीं करना चाहिए । [ अंग्रेजीसे मो० क० गांधी फॉरवर्ड, २५-१०-१९२६ Gandhi Heritage Portal