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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 31.pdf/६१२

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५७६ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय इंग्लेंडसे ब्रिस्टलसे एक महिला लिखती है : इस पत्रके साथ चरखोंके लिए १ पौंडकी रकम भेज रही हूँ । चाहती हूँ कि १०० पौंडकी रकम भेज सकती। शायद आप नहीं जानते कि इंग्लैंड में आपके भारको समझनेवाले कितने लोग आपको दुआएँ देते रहते हैं। वे सदा आपको अपनी स्नेहपूर्ण सद्भावनाएँ भेजकर सहायता करनेकी कोशिश करते रहते हैं । इस प्रकारके पत्रोंका माहात्म्य दानमें आये हुए सिक्कोंकी संख्यासे नहीं चरखेमें निहित सत्यकी अनुभूतिसे कूता जाता है । चरखेका महत्त्व इस मान्यता है कि यह इंसानको हैवान बनानेपर तुली हुई प्रतिस्पर्धाकी प्राणलेवा होड़के स्थानपर सुनियोजित सहयोगकी भावनाको प्रतिष्ठापित करनेका प्रयास है; और यह व्यक्तिकी आत्माको उन्नत बनानेके साथ-साथ समूची मानवताको एक ऊँचे स्तरपर उठा देता है । यह आन्दोलन उसी हालतमें सफल हो सकता है जब संसार-भरकी पवित्रसे पवित्र शक्तियाँ इस लक्ष्यकी पूर्तिके लिए एक हो जुट जायें। लेकिन इसकी पहल हिन्दुस्तानकी ओरसे ही होनी चाहिए। अगर ईश्वर, स्वदेशी और अपने लक्ष्यमें मेरा विश्वास न होता तो यह भारी बोझ मेरी आत्माको कुचल ही डालता। लेकिन मेरे मनमें विश्वास है और में अपना बोझ ईश्वरके विराट् कन्धोंपर डालकर निश्चिन्त हो जाता हूँ । [ अंग्रेजीसे ] यंग इंडिया, ४-११-१९२६ ५९७. दक्षिण आफ्रिकामें अनिश्चित स्थिति हालमें दक्षिण आफ्रिकासे मुझे कुछ ऐसे कागज मिले हैं जिनसे पता चलता है कि वहाँ रहनेवाले भारतीय प्रवासियोंकी स्थिति संकटापन्न है । व्यापारिक परवानोंकी समस्या तो वहाँ सदा ही बनी रहती है। शासनका शिकंजा दिन-प्रतिदिन कसता ही जा रहा है। अबतक नेटालमें काफी हदतक इस बातपर अमल होता था कि परवाना अधिकारियोंको अपनी मर्जीसे काम लेनेकी जो व्यापक शक्तियाँ प्रदान की गई हैं, उनके अन्तर्गत पहलेके परवानोंको हाथ न लगाया जाये। पहलेके परवानोंसे छेड़छाड़ केवल तभी की जाती थी जब बहुत ज्यादा गन्दगी हो या अफसरों द्वारा लगाई गई शर्तोंको तोड़ा गया हो । किन्तु अब इस उचित नियमकी भी जब-तब अवहेलना की जाने लगी है। और परवानोंके नवीनीकरणमें मनमाने ढंगसे इनकार कर दिया जाता है । जो मामला मेरे पास भेजा गया है, वह दर्दनाक है और उसका सम्बन्ध श्रीमती सोफिया भायला नामकी एक वृद्ध महिलासे है। दक्षिण आफ्रिकी कांग्रेसके मंत्रीने इस मामलेका विवरण देते हुए लिखा है : Gandhi Heritage Portal