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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 32.pdf/१०७

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पत्र : सी० एफ० एन्ड्रयूजको ७९ इस बातको ध्यानमें रखकर अब्बास साहब अब फिर काठियावाड़में खादीकी फेरी लगायेंगे । फेरी १९ तारीखको शुरू होगी। कार्यक्रम इस तरह है : गोंडल धोराजी ता० १९, २० जेतपुर ता० २०, २१, २२ 23 २२, २३, २४ उपलेटा ता० २४, २५ राणावाव 23 २६, २७ पोरबन्दर " २८, २९, ३० माणावदर, वाटवा " १, २, ३, ४ माँगरोल " ४, ५, ६ जूनागढ़ 17 १०, ११ वेरावल जामनगर " ७, ८, ९ " १२, १३, १४. मुझे उम्मीद है कि इन सब स्थानोंपर लोग अब्बास साहब और उनके कार्य- कर्त्ताओंका स्वागत करेंगे और खादी खरीद लेंगे । इतना कहना चाहता हूँ कि चार वर्ष पहले खादी जैसी थी आज वह उससे ज्यादा अच्छी, महीन, टिकाऊ और सस्ती है। समय बीतनेके साथ और प्रोत्साहन मिलने पर वह और भी सस्ती तथा अच्छी होगी । इस स्थितिको लाना भी हमारे हाथमें ही है । [ गुजरातीसे ] नवजीवन, २१-११-१९२६ प्रिय चार्ली, ६६. पत्र : सी० एफ० एन्ड्रयूजको प्रार्थना दिवसके २२ नवम्बर, [ १९२६] सम्बन्धमें तुम्हारा तार अभी-अभी मुझे मिला है। में इस तारको सरोजिनीके पास भेज रहा हूँ और 'यंग इंडिया' में उसके समर्थनमें एक जोर- दार अग्रलेख' लिख रहा हूँ। उस दिन तुम्हारी प्रार्थनामें सारा आश्रम तुम्हारा साथ देगा। मुझे उम्मीद है कि उस दिन में वर्षामें होऊँगा । यद्यपि मेरा शरीर विनोबा और जमनालालजीके साथ वहाँ होगा, परन्तु मेरी आत्मा उस दिन तुम्हारे साथ होगी । शास्त्री कल यहाँ थे । हमने इतमीनान से खूब लम्बी बातचीत की। १. मूल पत्रमें वर्ष नहीं दिया गया है। सन्का अनुमान उपनिवेशों में पैदा हुए हिन्दुस्तानियोंके सम्बन्ध में २७-११-१९२६ को “टिप्पणियाँ " के अंतर्गत छपे लेखके उल्लेखसे किया गया है। २. श्री एन्ड्यूजका सुझाव था कि गोलमेज परिषदके लिए जिस दिन भारत मण्डल दक्षिण आफ्रिका पहुँचे, उसके बाद पड़नेवाले पहले रविवारको अर्थात् १९ प्रार्थना दिवस' के रूपमें मनाया जाये। इस सुझावका भारत और दक्षिण आफ्रिका किया गया। गांधीजीका यह पत्र उसी सुझावके उत्तर में लिखा गया था। ३. देखिए " प्रार्थनाका एक दिन, २५-११-१९२६ । 1 सरकारका प्रतिनिधि दिसम्बरको 'राष्ट्रीय दोनों जगह स्वागत Gandhi Heritage Portal