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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 32.pdf/५०५

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पत्र : मणिबहन पटेलको आशा है, इस पत्रके मिलनेतक तो बीमारी चली गई होगी । [ गुजरातीसे ] ४७७ बापूके आशीर्वाद बापुना पत्रो : मणिबहेन पटेलने चि० मणि, १९५. पत्र : मणिबहन पटेलको मौनवार [१९२६]' इधर तो तुम्हारा एक भी पत्र नहीं आया । अब तबीयत बिलकुल अच्छी हो गई क्या ? जैसे-जैसे व्यर्थकी चिन्ता घटेगी और चित्त बालककी तरह शुद्ध होगा, वैसे- वैसे बीमारियाँ कम हो जायेंगी। 'शुद्ध' का अर्थ समझना । शुद्ध चित्तको किसी बात- का बुरा नहीं लगता, उसे किसीका दोष नहीं अखरता । वह किसीका बुरा नहीं देखता । यह भव्य स्थिति है । मैं कह दूं कि मेरी तो यह स्थिति नहीं है। मैं उस स्थितिको पहुँचना चाहता हूँ, परन्तु उससे बहुत दूर हूँ । इस स्थितिको अखण्ड ब्रह्मचारी और ब्रह्मचारिणी जल्दी पहुँचते हैं। ऐसोंको मैंने देखा है। एन्ड्रयूज इस स्थितिके नजदीक हैं। इन्हें मूर्ख माननेवालोंको तुम मूर्ख जानना । ऐसी शुद्धता तुममें आनी ही चाहिए । बापूके आशीर्वाद [ गुजरातीसे ] बापुना पत्रो : मणिबहेन पटेलने चि० मणि, १९६. पत्र : मणिबहन पटेलको मौनवार [ १९२६] तुम्हारा पत्र मिला । बापूसे' भी सब हाल सुने । बीमारीके बारेमें अब अधिक नहीं लिखता, क्योंकि देरसे-देर शनिवारको मिलनेकी आशा है । परन्तु तुम्हें झट स्वस्थ और प्रसन्न हो जाना चाहिए । [ गुजरातीसे ] बापुना पत्रो : मणिबहेन पटेलने १. साधन-सूत्र के अनुसार । २. साधन-सूत्र के अनुसार । ३. वल्लभभाई पटेल । बापूके आशीर्वाद Gandhi Heritage Portal