तारीखवार जीवन-वृत्तान्त ( ५ नवम्बर, १९२६ से २० जनवरी, १९२७) ५ नवम्बर : गांधीजी सत्याग्रह आश्रम, साबरमतीमें । २१ नवम्बर : श्री वी० एस० श्रीनिवास शास्त्रीने गांधीजीसे तीसरे पहर भेंट की । २८ नवम्बर : गांधीजीने गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबादके दीक्षान्त समारोह में भाषण दिया । ३ दिसम्बर : अहमदाबादसे वर्धाके लिए रवाना हुए। रास्तेमें सूरतमें रुककर विनय मन्दिर देखा । ४ दिसम्बर : वर्धा पहुँचे । १९ दिसम्बर : वर्धाकी सार्वजनिक सभाको संदेश भेजा । २० दिसम्बर : वर्धाकी सार्वजनिक सभामें भाषण दिया । २१ दिसम्बर : वर्धासे गौहाटीकें लिए रवाना हुए। अमरावती और नागपुरकी सार्व- जनिक सभाओं में भाषण दिये । गोंदियामें कुछ घंटे ठहरे । २३ दिसम्बर : कलकत्ता पहुँचे । स्वामी श्रद्धानन्दजीकी हत्या की गई । २४ दिसम्बर : गांधीजी गौहाटीके लिए रवाना हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटीकी बैठकमें उन्होंने भाषण दिया । २५ दिसम्बर : गौहाटीकी स्वदेशी प्रदर्शनीके उद्घाटन समारोहमें भाषण दिया । २६ दिसम्बर : कांग्रेस पंडालमें ध्वजारोहण समारोहके अवसरपर भाषण दिया । स्वामी श्रद्धानन्दकी हत्या और दक्षिण आफ्रिकामें भारतीय प्रवासियोंके दर्जेसे सम्बन्धित प्रस्ताव रखे और भाषण दिया । २७ दिसम्बर : कांग्रेसकी विषय समितिमें मताधिकारके नियमको सख्त बनानेकी वांछ- नीयता पर जोर दिया, ताकि खद्दर न पहननेवालोंको मत देनेका अधिकार न हो । २८ दिसम्बर : विषय समितिमें स्वतन्त्रताके प्रस्तावपर दो बार बोले । गौहाटी नगर- पालिकाको सभामें भाषण दिया । एसोसिएटेड प्रेसके प्रतिनिधिको भेंटमें बताया कि अगले साल वह चरखे और खादीके सन्देशके प्रचार-प्रसारका काम करेंगे। गौहाटीसे कलकत्ताके लिए रवाना हुए। ३१ दिसम्बर : बड़ा बाजार, कलकत्ताके महेश्वरी भवनमें आयोजित बैठकमें भाषण दिया तथा 'शुद्धि' और 'संगठन' के लिए धन संग्रह किया । २ जनवरी : कलकत्ता और हावड़ाके दलित वर्गके सोलह स्कूलोंके छात्रोंके समक्ष भाषण दिया । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 32.pdf/६३९
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