सांकेतिका योगी जो योगकी सिद्धिके लिए कठिन तप करता है, २३७; -और रोगी, ७१; -और सांसारिक वस्तुओंका त्याग, ३५६-५७; -और सात्विक गुणोंका प्रवर्धन, ३११ - १२; और हिंसासे पूर्ण असम्बद्धता, १३७; – कर्मका त्याग करनेसे नहीं, १४६ ; - के बारेमें शंकरा- चार्यके विचार, १०९; के मार्गका वैराग्य प्रथम चरण, ६; - देह रहते अप्राप्य, १३८; -मृत्युसे छुटकारा, ३५६ मोक्षमाला, १० मोदी, ताराबहन, ४२४ मोदी, रमणीकलाल, ३८४, ३८९ यंग इंडिया, २०, ३२, ३३ पा० टि०, ५२, ५३, ५८, ६९, ७९, ८७, ३७८, ३९४, ३९८-९९, ४०६, ४१४, ४१९, ४३३, ४५४, पा० टि०, ४७०, ४७३, ५३०, ५३१, ५४०, ५४६, ५६६, पा० टि०, ५८२ यंग मैन्स डिबेटिंग क्लब, मधुबनी, ५९०, पा० टि० यंग, हिल्टन, ३७६ पा० टि० यज्ञ, १६३, १९१, २०१, २१०, २२२, २४७, ३२१, ३२६-२८, ३५२, ३५४, ३६०, ३७०, ३८२, ३९९, ५३४, ५४७, ५६१; -और कताई, ५०२, ५५८, ५९२; -का प्रारंभ, १५८; -की भावनासे किया गया कर्म, ३४९- ५२; - के प्रकार, २०१-६; के रूपमें कताई, १५५, १५६, ३८२; -के रूपमें चरखा, ३३६; - परमार्थ किये गये शारीरिक श्रमका रूप, १५०-५४, १५९-६०, ४८७ यजुर्वेद, २६४ यम, २७४ यम-नियम, १०७, ३१६; -और अर्जुन, १०९ यहूदी, ९२, १५० यादव, १८६ ६२९ युद्ध, के विरुद्ध हड़तालके बारेमें फेनर ब्रॉकवेका मत, ५७-८ युधिष्ठिर, १०३, १०५, ११२, १४९, २२०, ३१८, ३४०, ३९९, ४५६, ४६९, ४८२, ५३५, ५५४ यूक्लिड, १३८, १५३ योग, १२६, १४५, १८१-८३, २०३, २०८, २०९, २३८, २४४, २४५, २५१, २५७, २५९, २६६, २६८, २६९, २७१, २९४, ३३७, ३३८, ३५४, ३६४, ३६६; -और अहंभावका त्याग, २१२-१३; और आत्मनिग्रह, २३४- ३५; और ईश्वरके ध्यानमें लीन बुद्धि, १२९; - और कर्म, २२२-२३; -और कर्मफलका त्याग, २१४; -और कर्म- फलके बारेमें न सोचना, १२६-२७; - और कर्म बन्धनसे मुक्ति, १२०; -और निश्चय, १२३-२४; -और विवेक, २२४-२५; -और सांख्य योग, २११-१३; -और स्वैच्छिक भक्ति, २३१; - का अभ्यास, ९४; -का अर्थ दुखका वियोग, २३२; -का तरीका, २२५-२९; -की सिद्धिमें नाकामयाबी, २३५-३७; - ज्ञानियोंका, १४६; १९३; 1-से अपनेको सब प्राणियोंमें और सब प्राणियोंको अपनेमें देखना, २३३-३४; - स्थिरता जैसा, १२७ देखिए कर्म भी योगसिद्ध, ५८३ योगी, १३७, १६४, १८२, १९५, १९७, २१२, २२७, ३३१; -और अतिशयतासे बचना, २२९; -और अन्तरज्ञान, १४३; और अन्तरज्ञानी, २२९; - और अहंभावका त्याग, २१२-१३; - और उसकी विवेकबुद्धि, २३९; -और कर्म, २२२-२३; -और कर्म- फलका त्याग, २१४; -और ब्रह्म, Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 32.pdf/६५७
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