गरीबके आमने-सामने १९७ उनकी ओरसे धनिक वर्गके आप जैसे लोगोंसे खादीके इस महान आन्दोलनके लिए अधिक से अधिक दान देनेकी अपील करता हूँ । अंग्रेजीसे ] बॉम्बे क्रॉनिकल, २४-३-१९२७ १८२. एक मित्रके ज्ञान - कोषसे अपने जिन मित्रका परिचय में पाठकोंको पहले ही दे चुका हूँ, उन्होंने मेरे मौनवारके लिए कुछ उद्धरण भेजे हैं । उसमें से कुछ रत्न चुन कर मैं पाठकोंके लिए यहाँ देता हूँ : मनुष्यकी वाणी ईश्वरके रहस्योंको इतने अपूर्ण रूपमें व्यक्त करती है कि शब्द हमें कोई सान्त्वना देने के बजाय हमारे मार्गमें बाधा ही डालते हैं । - ब्रदर गाइल्स तुम अपने चित्तको शांत करके एकान्तमें बैठो और ईश्वर तुम्हें अपने भीतर ही मिल जायेगा 1 - टेरेसा तुझे प्रभुको दूरसे अपने पास बुलाने की जरूरत नहीं है। तू जिस क्षण अपना हृदय खोलेगा, वह उसी क्षण उसमें आ जायेगा। प्रतीक्षा करना तेरे लिए जितना कठिन है, उसके लिए वह उससे भी कठिन है । [ अंग्रेजीसे ] - मास्टर एकहार्ट यंग इंडिया, २४-३-१९२७ १८३. गरीबके आमने-सामने बारडोली ताल्लुका गुजरातके सबसे ज्यादा उपजाऊ इलाकों में माना जाता है । किन्तु उसके कुछ भागों में कितनी गरीबी है इसका एक सही और स्पष्ट विवरण एक खादी कार्यकर्त्ताने लिखा है जो 'नवजीवन' में देसाई कृत स्वतन्त्र अनुवाद नीचे दिया जाता है। छप चुका है। उसका महादेव यह विवरण एक कहानीके रूपमें लिखा गया है । लेखक बहुत ऊँचे दर्जेका लोक कवि बन सकता है। इस विवरण में जो कलात्मक सौन्दर्य है उसके कारण इसका सहज मूल्य और भी बढ़ गया है। मैं आलोचकों का ध्यान इसकी ओर विशेष रूपसे आकर्षित करता हूँ । [ अंग्रेजीसे ] यंग इंडिया, २४-३-१९२६ १. यहाँ नहीं दिया जा रहा है। Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 33.pdf/२३५
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