५०० सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय हूँ । इसलिए मेरी बड़ी आकांक्षा है कि जहाँतक सम्भव हो हम दोनों भारतकी बेहद और बढ़ती हुई गरीबीके बुनियादी कारणके सम्बन्धमें एकमत हों । अंग्रेजी (एस० एन० १२९१५) की माइक्रोफिल्मसे । हृदयसे आपका, ४८३. पत्र : अमेरिकी बैप्टिस्ट मिशनके मैनेजरको कुमार पार्क बंगलोर प्रिय महोदय, ११ जून, १९२७ मुझे एक मित्रसे पता चला है कि आपके मिशनको मुर्गीपालनके एक ऐसे तरीकेकी जानकारी है, जिसके अनुसार शुरूसे ही अण्डे जीवाणु शून्य होते हैं । इसकी मुझे कोई खबर ही नहीं थी । लेकिन चूंकि मुझे सूचना देनेवाला व्यक्ति एक चिकित्सक है और अपनी कही बात बिलकुल ठीक होनेपर जोर देता है, इसलिए मैं आपको, यदि हो सके तो इस सम्बन्धमें मुझे सही जानकारी देनेके लिए लिख रहा हूँ । मैनेजर अमेरिकी बैप्टिस्ट मिशन साँगली अंग्रेजी (एस० एन० १४१४९) की फोटो नकलसे । आपका विश्वस्त, ४८४. पत्र : जे० भीमरावको कुमार पार्क बंगलोर ११ जून, १९२७ प्रिय मित्र, । आपका पत्र मिला । यदि आप 'यंग इंडिया' के स्तम्भ पढ़ेंगे, तो आप पायेंगे कि सर एम० विश्वेश्वरैयाके प्रशासनका रामराज्यके रूपमें उल्लेख एक मजाकके तौर पर हुआ है और सावंतवाड़ीके प्रमुखकी प्रशंसा एक व्यक्तिगत प्रशंसा है। मैं नहीं समझ पाता कि [ रियासतके ] किसी एक प्रमुखके असन्दिग्ध सद्गुणोंको यदि स्वीकार कर लिया जाता है, तो उसके बलपर रियासतोंके अन्य प्रमुखोंको कुशासन कायम Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 33.pdf/५३८
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