५०८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय मैसूर कर्नाटकका ही एक भाग है, जहाँसे कि हमें काकासाहब प्राप्त हुए हैं । यहाँकी बह्नोंको संगीत और संस्कृत दोनोंका अच्छा ज्ञान है। उनका संगीत नन्दी में सुना । परसों यहाँ दो बहनोंसे संगीत और संस्कृत दोनों सुनने को मिले। दोनों महिलाओंने रामायणका सार संस्कृतमें शुद्ध उच्चारणके साथ गाया । मेरे खयालसे उसमें सौ से ज्यादा श्लोक थे । उच्चारणमें एक भी भूल नहीं देख सका। उनमें से एककी पढ़ाई अभी जारी है। वह अर्थ भी जानती है । मगर यह सब मैं तुम्हें किसलिए लिखूं ? तुम इस वक्त वहाँ जो काम कर रही हो, उसका मूल्य मेरी निगाह में संस्कृतके अभ्याससे ज्यादा है । तुम निर्भय बनो, पवित्र रहो, सेविका बनो और एकत्र रहकर काम करने लगो, तो यह शिक्षा दूसरी सब शिक्षाओंसे बढ़कर होगी। उसके साथ संस्कृतादि सीख जाओ, तब तो वह शहदसे भी मीठी हो जायेगी । मेरे पत्र या उनकी नकल गंगाबहन आदिको पढ़नेके लिए मिलती है न ? गुजराती (जी० एन० ३६५३) की फोटो नकलसे । प्रिय मित्र, ४९२. पत्र : विलियम स्मिथको बापूके आशीर्वाद कुमार पार्क बंगलोर १४ जून, १९२७ परसों में इम्पीरियल डेरीसे होकर गुजरा। आपके छात्रोंने मुझे आपके कुछ सुन्दर जानवर दिखाये । सर हैरॉल्ड मैनके पत्रोंसे आपके बारेमें एवं मवेशियोंमें आपकी जो रुचि है, उसके बारेमें जाननेका मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ । आपको मालूम होगा कि मेरी पशुओंकी समस्यामें, और इसीलिए पशु-पालन, दुग्ध-व्यवस्था एवं चर्म-शोधन आदिमें बड़ी रुचि है। जबतक में स्वास्थ्यलाभके लिए विश्राम कर रहा हूँ, और अभी मुझे एक पखवाड़ा बंगलोरमें रहना है, यदि मेरी सेहत इजाजत देती रही, तो मैं हररोज डेरी देखने आना चाहूँगा । में वहाँ लगभग आधा घण्टा बिताऊँगा, एवं इतने समय में जितना कुछ भी सीखा जा सके, सीखूंगा। मुझे नहीं मालूम कि क्या आपके लिए यह सम्भव हो सकेगा कि आप किसी अधिकारीको कह दें कि वह मुझे आवश्यक सहायता दे, जिसको मैं बहुत मूल्यवान समझँगा । मैं इस बातकी भी कद्र करूँगा कि कोई ऐसा साहित्य, जो आप समझते हों मुझे पढ़ना चाहिए मेरे लिये आप मुहैया कर दें। मैंने सर हैरॉल्ड मैन द्वारा भेजे गये विशेषज्ञोंके जरिये साबरमतीमें डेरी प्रयोग पहलेसे ही शुरू कर रखा है। यदि आप मेरे लिए समय निकाल सकें तो इस Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 33.pdf/५४६
दिखावट