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५१४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय या नहीं। यदि मैं पूरी तरह स्पष्ट नहीं कर सका हूँ तो कृपया मुझे दुबारा लिखनेमें संकोच मत कीजिएगा । गुलजारीलाल हृदयसे आपका, अहमदाबाद अंग्रेजी (एस० एन० १४१५५) की फोटो नकलसे । ४९९. पत्र : जे० डब्ल्यू० पेटावेलको कुमार पार्क बंगलोर प्रिय मित्र, १५ जून, १९२७ मुझे यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि आप अपनी बातसे हटेंगे नहीं और यदि आप बराबर जोर देते रहे तो, मुमकिन है कि किसी दिन मैं आपसे सहमत हो जाऊँ और तब आप जो कुछ भी मुझसे करवाना चाहें वहीं करूँ । अब मुझे आपकी पुस्तक मिल गई है। आपने जिन अंशोंका उल्लेख किया है, उन्हें में पढ़ेगा । श्री जे० डब्ल्यू० पेटावेल बागबाजार कलकत्ता अंग्रेजी (एस० एन० १४१५६ ) की माइक्रोफिल्मसे । हृदयसे आपका, Gandhi Heritage Portal