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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 33.pdf/५५७

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परिशिष्ट ५१९ इसलिए जानेसे पहले मैं चाहूँगा कि आप एक दिन सुबह ऐसे उठें मानों स्वप्न से जागे हों और कहें 'हाँ' [ यह ठीक है । ] और तब हममें से कई लोग एक साथ एक गुटमें रह सकेंगे । और भारतीय जीवनकी ऐसी अनेक शोचनीय परि- स्थितियोंको समाप्त करनेके काम में लग जायेंगे, जिनके बारेमें हममें से किसीको भी सन्देह नहीं है । [ अंग्रेजीसे ] हिन्दुस्तान टाइम्स, १७-३-१९२७ परिशिष्ट २ आपका भाई, शापुरजी सकलातवाला श्रद्धानन्द स्मारक पण्डित मालवीयजी तथा लाला लाजपतराय द्वारा हस्ताक्षरित एक अपीलमें कहा गया है : यह तय किया गया है कि गुरुकुल काँगड़ीके लिए ढाई लाख रुपयेकी उस अपीलके अलावा जिसे पंजाब आर्य-प्रतिनिधि सभा पहले ही जारी कर चुकी है, पूरे हिन्दू समाजकी ओरसे दस लाख रुपयेकी केवल एक ही अपील जारी की जानी चाहिए जिसमें से पाँच लाख रुपये स्थायी धर्मस्वकी तरह रखे जाने चाहिए; और उसमें से पाँच लाख रुपयेका इस्तेमाल इस तरह किया जाना चाहिए -- ढाई लाख रुपया अछूतोंद्धार के लिए, सवा लाख शुद्धि कार्य जारी रखने के लिए और सवा लाख हिन्दू संगठनको बढ़ावा देनेके लिए। न्यासी हिन्दू महासभा, सनातन धर्मसभा और आर्य समाज जैसी संस्थाओंसे, जिनमें दिल्लीकी शुद्धिसभा और दलितोद्धार सभा भी शामिल हैं, एजेन्सियोंको चुनेंगे जिन्हें वे समय-समयपर न्यासका लक्ष्य पूरा करनेके लिए उपयोगी समझेंगे। इसमें उन्हें हिसाब-किताब देनेकी सामान्य लागू शर्तें मानकर चलना है; लेकिन संगठनका कार्य केवल हिन्दू महासभा द्वारा ही चलाया जायेगा । स्थायी कोषके ५ लाख रुपयोंका सूद भी उपर्युक्त तीन कार्योंके लिए उसी अनुपातमें खर्च किया जायेगा। यह भी तय किया गया है कि किसी प्रान्त में इकट्ठा किये गये कुल धनका कमसे कम आधा भाग उसी प्रान्त में खर्च किया जायेगा और यह बात स्थायी धर्मस्व कोषके सूदपर भी लागू होती है । यह भी निश्चय किया गया है कि जिस मकान में स्वामी श्रद्धानन्दजीकी हत्या की गई थी उसे स्वामी श्रद्धानन्द स्मारक भवन में बदलने के उद्देश्य से अपने कब्जे में लेनेके लिए कदम उठाये जाने चाहिए। दान देनेवाले हर व्यक्तिको इस बातकी छूट होगी कि वह उक्त कार्यों में से किसी एकके लिए अपने दानकी रकम नियत कर सके । दानकी रकमें केवल उसी काम या कामों में इस्तेमाल की जायेंगी, दानदाता जिनके लिए उन्हें देगा । Gandhi Heritage Portal