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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 33.pdf/५५८

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५२० सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय दानकी सभी रकमें प्रबन्धक, पंजाब नेशनल बैंक, दिल्लीके नाम श्रद्धानन्द स्मारक कोषके खाते में जमा करनेके लिए भेज दी जानी चाहिए। दानकी रकमें भेजनेवालोंसे प्रार्थना की जाती है कि धन जमा कराते समय वे दान देनेवालोंके नाम और पतेका पूरा ब्यौरा बैंकको भेजें और उसमें यह भी लिखें कि किसने कितनी रकम दी है और यदि उसने कुछ निर्देश दिये हों तो वह भी लिखें। उनसे यह भी प्रार्थना की जाती है कि ऐसे ब्यौरेकी एक प्रति मन्त्री, श्रद्धानन्द स्मारक कोष, दिल्लीको भी भेजें । इस बातका भरोसा दिलानेके लिए कि दानकी रकमें कोषमें जमा हो गई हैं, श्रद्धानन्द स्मारक कोषके मन्त्री द्वारा दान देनेवालोंको दान की गई रकमकी औपचारिक रसीद भेजी जायेगी। यदि दान देनेवालेको अदायगीके बाद पन्द्रह दिन के अन्दर इस तरहकी रसीद न मिले तो अनुरोध किया जाता है कि दान देनेवाले सज्जन इस बातकी सूचना कोषके मन्त्रीको दे दें । श्रद्धेय स्वामीजीकी स्मृति में हमारा यह कर्त्तव्य है कि दस लाखकी जिस रकमके लिए हिन्दू महासभाने अपील जारी की है, वह अधिकसे-अधिक अगले अप्रैलकी ३० तारीख तक पूरी जमा हो जाये । हमारी राय है कि पहले हमें अपना सारा प्रयत्न अखिल भारतीय स्मारक बनाने में ही लगाना चाहिए। जब तक अखिल भारतीय स्मारक कोषकी पूरी रकम जमा नहीं हो जाती तबतक स्थानीय अथवा क्षेत्रीय स्मारक बनानेके सारे प्रयास स्थगित रखे जायें । कोषको उक्त तीन भागों में विभाजित कर देनेसे हर व्यक्ति रकम देनेकी अपनी मद चुन सकता है और अपने सबसे ज्यादा प्रिय कार्य के लिए उदारतासे चन्दा दे सकता है। यह आशा की जाती है कि स्मारक समिति चन्दा जमा करनेका सारा काम जिस तारीखसे पहले पूरा करनेकी आशा करती है, चन्दा देने वाले लोग उस तारीखका ध्यान रखेंगे । [ अंग्रेजीसे ] यंग इंडिया, ३-३-१९२७ १. अन्तिम अनुच्छेद सम्पादकीय टिप्पणीके रूपमें दिया गया था । Gandhi Heritage Portal