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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 33.pdf/५७७

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सांकेतिका ५३९ कप्टेन, पेरीन, ४२४, ४५१ कैलॉग, डा०, ४२७ कैलेनबेक, ३३९ कोटक, शारदाबहन, ४६३ कोठारी, मणिलाल वल्लभभाई, ५३, २६४, ३११ कोब, खानचन्द ऐदास आर०, ४३३ [द] क्राइस्ट ऑफ द इंडियन रोड, ३८३ पा० टि० क्रॉनिकल, ४६१ क्लेटन, एच०, ३४२, ३९५, ४९८ ख खरे, नारायण मोरेश्वर (पण्डितजी), ९०, १२, ११४, ११५, ११६, १३९, १४०, १४१, १४२, १५८, २४८ पा० टि० खरे, लक्ष्मीबहन, २४८ 7 खादी ( खद्दर), ४, ७, २०, ३३, ४४, ६५, १२४, १३०, १७४, १८७, २४१, २६७-६८, २९३, ४६९, ४६९, ५०५; - अस्पतालोंमें, २३-२४; -उड़ीसाके लिए, ३०९ -और अन्य वस्त्र, १०७; - और अस्पृश्यता, १८३; -और अस्पु- श्यता निवारण, २०७; और कुछ लोगोंका धन जमा करना, १३३; -और देशी रियासतें, ४००-१, ४१९; और पतित और दलित लोग, ४७२; -और प्रवर्त्तक तरुण बंगाल संघ, १६२; -और बाल गंगाधर तिलक, १४५; और मिलें, ७५-७७; और विदेशी कपड़ा, १००; -और विद्यार्थी, १६-१८, १५६; और वैश्य, १५३- ५४; और सकलातवाला, - और साधु, २०४; और स्वराज्य १९२; और हिन्दू तथा मुसलमान, ३५; का आदतन पहनना कांग्रेसकी सदस्यताके लिए एक शर्त, ४८९-९१; ५२; - का हमेशा न पहनना, ११० ; -की प्रगति प्रतिवर्ष कम होते जाते नुकसानसे लक्षित होती है, १; की लोकप्रियता, १७८-७९, १९६; -के लिए इकट्ठा किये गये कोषके सम्बन्धमें, ९८; के सिले हुए कपड़े, १३१; -को लाटरी निकालकर खरीदनेका सुझाव, १५३; - गरीबोंके प्रति प्यारकी अभिव्यक्ति, १२; -धनका बराबर बँटवारा, १८०; -धर्मराज्य प्राप्त करनेका एकमात्र साधन, १५; - पहनना गरीबोंकी सेवा, २०८; - प्रचार, ६५-६६ - स्वराज्य प्राप्त करनेका एकमात्र साधन, १८ खादी प्रतिष्ठान, ६, ८८, ९६, १०१, १०६, ११३, १६२ खिलाफत, ९९, १०९, १४५ खुराक, ३४३, ४१६-१७, ४३७, ४५८; के सम्बन्धमें खोज, २७९-८२; सम्बन्धमें प्रयोग, ४०७-९ खुर्शीद, ४२४ खुशालमाई, ३०२ -के खेड़ा, में सविनय अवज्ञा आन्दोलनको वापस लेना, २६५-६६ ग गंगाबहन, ३००, ५०८ गंगाराम, सर, ४०, ५७, २१६, २२९, २७७, ३२० गंगू, ३२३, ३८९, ४५२, ४५४, ४५८, ४७२, ४७३, ४८०, ४८१, ५०३ गणेश (जॉन), ४३, ११६, २८६ गणेशन, ३८४ गांधर्व महाविद्यालय, बम्बई, २४८ पा० टि० गांधी, कस्तूरबा, ८३, १४२, १५८, १६८, २३१, ३३९, ३५१, ३८५, ३९६, ४०३, ४१८, ४८६ Gandhi Heritage Portal