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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 34.pdf/५७६

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५४० सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय है कि भारतीय महिलाओंकी ओरसे डॉ० मुत्तुलक्ष्मी अम्माल परिषद्सँ बहुत-कुछ करेंगी। मेरा उनसे बस यही अनुरोध है कि वे पूरे तौरसे पाश्चात्य तौर-तरीकोंको न अपनायें । उनको परिषद् में भारतीय वातावरण पैदा करना चाहिए और भारतीय महिलाओंके हितोंको सदा ध्यानमें रखना चाहिए। यदि भारतीय महिलाएँ भारतकी प्रगतिके लिए सक्रिय काम करें तो उसकी प्रगति निश्चित और ध्रुव है । अन्तमें, में यही कहूँगा कि आज भारतकी सबसे बड़ी समस्या हजारों गाँवोंमें बिखरे करोड़ों मेहनतकश लोगोंकी गरीबी दूर करने की ही है। यदि भारतकी शिक्षा- सम्पन्न और अपेक्षाकृत अधिक भाग्यशाली बहनें अपनी अभागी बहनोंके प्रति अपने कर्तव्यको नहीं समझेंगी और उनको राहत पहुँचाने के लिए काम नहीं करेंगी तो भारत कभी भी प्रगति नहीं कर पायेगा । मेरा विश्वास है कि चरखा इस दिशामें काफी- कुछ कर सकता है। इसे हमारे सभी कार्योंका केन्द्र बन जाना चाहिए। खादी आन्दो- लन महिलाओंका ही आन्दोलन है और मुझे आशा है कि बहनें जल्द ही इसका भार सँभाल लेंगी और मुझे इससे छुट्टी दिला देंगी। सर्वशक्तिमान् ईश्वरसे मेरी प्रार्थना है कि वह महिलाओंको यह भला काम सँभालने की शक्ति और साहस दे । [ अंग्रेजीसे ] हिन्दू १०-९-१९२७ मित्रो, ४२७. भाषण : चि० रं० दासके बारेमें, मद्रासमें ९ सितम्बर, १९२७ महाजन सभाको यह व्यक्ति-चित्र भेंट करनेके लिए मैं श्री सत्यमूर्ति, और इतना बहुमूल्य चित्र प्राप्त करनेके लिए महाजन सभाको बधाई देता हूँ। और यदि यह अनुचित न हो तो मैं इसका अनावरण करनेका सम्मान प्राप्त करनेके उपलक्ष्य में अपने-आपको भी बधाई देना चाहूँगा । इस सम्मानको मैं अपना सौभाग्य तो मानता हूँ, पर साथ ही मैं आपको यह बतलाये बिना भी नहीं रह सकता कि मुझे इसमें कुछ अटपटापन महसूस हो रहा है, सो इसलिए कि में जिनके चित्रका अनावरण करने जा रहा हूँ, उन्होंने स्वयं ही मेरे चित्रका अनावरण किया था। इस सबमें कहीं कुछ असंगति जरूर है । में यह नहीं कहता कि इस संयोगके पीछे किसीका कुछ हाथ है; पर ऐसा संयोग बन पड़ा है, इससे तो इनकार नहीं ही किया जा सकता । चूंकि देशबन्धुने मेरे व्यक्ति-चित्रका अनावरण किया था और चूंकि उनको व्यक्ति-चित्र भेंट किये जानेके अवसरपर म मद्रास में मौजूद था, इसे देखते हुए मेरी ओर लोगोंका ध्यान न जाना असम्भव ही था । इस तरह देखनेपर यह सब उपयुक्त ही लगता है । लेकिन इस सबके बावजूद कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनपर हमारा वश नहीं चलता, Gandhi Heritage Portal