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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 34.pdf/६४१

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तारीखवार जीवन-वृत्तान्त ( १६ जूनसे १५ सितम्बर, १९२७ तक ) १६ जून : गांधीजी ३१ अगस्त तक लगातार बंगलोर में रहे । १९ जून : 'नवजीवन' में प्रकाशित 'धर्मके नामपर झगड़ा' शीर्षक लेखमें गांधीजी ने लिखा कि " मैं जैन और हिन्दू धर्मको अलग-अलग नहीं समझता । स्याद्वादकी सहायता से ही मैं हिन्दू अर्थात् वैदिक धर्म और जैन धर्मका ऐक्य साधन कर सकता हूँ ।' 33 २५ जून : सरोजिनी नायडूको लिखे एक पत्रमें गांधीजी ने जोर दिया कि १९२७ में कांग्रेस अध्यक्ष चुने जानेके लिए डॉ० अन्सारीके अलावा और कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं है। कांग्रेसमें हिन्दू-मुस्लिम समझौतेका कोई प्रस्ताव वही पास करा सकते हैं । २७ जून : भारतीय दक्षिण आफ्रिकी समझौते से सम्बन्धित विधेयकका अन्तिम वाचन किया गया । ३ जुलाई : बंगलोर में खादी-प्रदर्शनी के उद्घाटनके पश्चात् भाषण किया । ८ जुलाई : आदि कर्नाटक विद्यार्थियोंके समक्ष भाषण किया । बंगलोरकी खादी-प्रदर्शनी में पारितोषिक वितरणके समय भाषण किया । ९ जुलाई : एमेच्योर ड्रमैटिक एसोसिएशन, मैसूरमें भाषण दिया । । १० जुलाई : अखिल कर्नाटक हिन्दी सम्मेलन, बंगलोर में भाषण दिया । १२ जुलाई : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइन्समें भाषण दिया । १३ जुलाई : महिला समाज में भाषण दिया । १४ जुलाई : तुमकुर नगरपालिका द्वारा दिये गये मानपत्रके उत्तरमें भाषण दिया; पंचमोंकी पाठशालामें गये; प्राणी दया-संघमें भाषण किया । १५ जुलाई : मद्दागिरिकी सार्वजनिक सभामें भाषण दिया । १७ जुलाई : बंगलोरकी नगरपालिका द्वारा दिये गये मानपत्रके उत्तरमें भाषण दिया; मजदूरोंकी सभामें भाषण दिया । १९ जुलाई : मैसूर में विद्यार्थियोंके समक्ष भाषण दिया । २० जुलाई : हिन्दी भाषा सेवा समाजमें भाषण दिया । मैसूरकी नगरपालिका परिषद् तथा अन्य संस्थाओं द्वारा दिये गये मानपत्रोंके उत्तरमें भाषण दिया । २१ जुलाई : आदि कर्नाटकोंके समक्ष भाषण दिया । २३ जुलाई : विदाई समारोहके अवसरपर भाषण दिया । २४ जुलाई : बंगलोरके नागरिक और सामाजिक विकास संघमें भाषण दिया । २६ जुलाई : यूनाइटेड थियोलॉजिकल कालेज और पुराण-विद्या समितिमें भाषण दिये । Gandhi Heritage Portal