प्रिय मित्र, १४४. पत्र : मॉर्सेल केपीको सत्याग्रह आश्रम साबरमती २० मार्च, १९२८ आपका पत्र मिला । पत्रके मिलनेसे पहले मुझे हम दोनोंके ही मित्र पण्डित जवाहरलाल नेहरूके जरिये आपका सन्देश मिल चुका था । चूंकि मैंने आपका पत्र आनेसे पहले ही उनसे वायदा कर लिया था, मैंने अपना सन्देश' उनकी मार्फत भेज दिया है । मॉर्सेल केपी ७८ रूई डि एजोम्पशन पेरिस (फ्रान्स) अंग्रेजी (एस० एन० १४२६४) की फोटो नकलसे । १४५. पत्र : वि० च० रायको हृदयसे आपका, सत्याग्रह आश्रम साबरमती २० मार्च, १९२८ प्रिय डा० राय, आपका पत्र मिला; उसके लिए धन्यवाद । डा० अन्सारीके आगमनसे सम्बन्धित अखबारोंमें छपा समाचार बिलकुल ही निन्दात्मक है । इसके कारण मेरे बहुतसे मित्रोंको चिन्ता हुई और मुझे जोहानिसबर्ग और श्याम तकसे आये समुद्री तारोंका उत्तर देना पड़ा। आपने शायद अब सही बात जान ली होगी कि डा० अन्सारीके आगमनका मेरे स्वास्थ्यसे बिलकुल सरोकार नहीं था । यदि ऐसा होता तो आपको भी, जो मेरे शरीरके रक्षकोंमें से एक हैं, इस सम्बन्धमें अवश्य ही आश्रमसे सीधे कुछन-कुछ खबर मिल गई होती। जमनालालजी और डा० जाकिर हुसैनके साथ डा० अन्सारी केवल राष्ट्रीय मुस्लिम विश्वविद्यालयके सिलसिले में ही यहाँ आये थे और चूंकि वे आये ही थे और अपने साथ डाक्टरीके परीक्षण १. देखिए पिछला शीर्षक । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/१६४
दिखावट