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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/१८५

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१६५. पत्र : पी० एस० किचलूको सत्याग्रह आश्रम साबरमती २६ मार्च, १९२८ प्रिय मित्र, आपका हार्दिक निमन्त्रण मिला। लेकिन और नहीं तो केवल स्वास्थ्य सम्बन्धी कारणोंसे ही मुझे परिषद् में शरीक नहीं होना चाहिए। यदि आपकी यह भविष्यवाणी सच हो जाये और पंजाबके हिन्दुओं और मुसलमानों तथा सिखोंमें दिली एकता स्थापित हो जाये, तो मेरे मनको खुशी होगी। मैं जानता हूँ कि तब हिन्दू-मुस्लिम एकता हो जानेका भरोसा हो जायेगा और उस एकताकी शक्तिमें मेरा इतना विश्वास है कि मैं कहूँगा कि फिर स्वराज्य मिलना भी पक्का हो जायेगा । खैर, मैं आशा करता हूँ कि परिषद खादीको नहीं भूलेगी और न ही उसकी उपेक्षा करेगी । हृदयसे आपका, डा० पी० एस० किचलू अध्यक्ष स्वागत समिति १३वीं पंजाब प्रान्तीय परिषद अमृतसर अंग्रेजी (एस० एन० १३१२९ ) की फोटो- नकलसे । १६६. पत्र : च० राजगोपालाचारीको सत्याग्रह आश्रम साबरमती २६ मार्च, १९२८ आपका पत्र मिला । कुछ फैसला करनेसे पहले मैं रोमाँ रोलाँके पत्रको प्रतीक्षा कर रहा हूँ । आपने महादेवको लिखे अपने पत्र में जो दलील पेश की है उसका मैंने पहलेसे ही अन्दाज लगा लिया था । लेकिन यह पत्र कोई प्रेम पत्र नहीं है । यह तो आपको डा० एम० ई० नायडू से प्राप्त संलग्न पत्र भेजने के लिए लिखा है। कृपया Gandhi Heritage Portal