१५४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय इसपर स्वयं तुरन्त यथोचित कार्यवाही कीजिये। मैंने उन्हें बता दिया है कि आप इस पत्रका जवाब देंगे । सह-पत्र - १ श्रीयुत च० राजगोपालाचारी गांधी आश्रम तिरुचेन्गोड अंग्रेजी (एस० एन० १३१३१) की फोटो - नकलसे । १६७. पत्र : प्रताप एस० पण्डितको प्रिय प्रताप, हृदयसे आपका, सत्याग्रह साबरमती २६ मार्च, १९२८ मैं आपसे तो अपने लिये चर्मालय नहीं बनवा सका, लेकिन फिर भी मेरे यहाँ अब एक चर्मालय जैसा कुछ हो गया है; क्योंकि मुझे मेरे ही जैसा सनकी एक व्यक्ति मिल गया है जो चमड़े कामकी बाबत काम चलानेके लायक काफी जानता है। मैं चाहूँगा कि आप जब अहमदाबाद आयें तो इसपर भी एक नजर डालें । लेकिन मैं चाहूँगा कि आप मुझे चमड़ा कमानेके सम्बन्धमें कुछ ऐसा साहित्य भेज दें जिसे एक मामूली आदमी भी समझ सके और उसके सहारे कुछ कर सके, या मुझे बताइए कि ऐसा साहित्य मुझे कहाँसे मिल सकता है। प्रताप एस० पण्डित अंग्रेजी (एस० एन० १५३६३) की फोटो - नकलसे । हृदयसे आपका, Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/१८६
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