१५६ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय कार्यान्वित करना सम्भव सिद्ध न हो तो मैं खादी कार्यक्रमको आगे बढ़ानेमें भी बिलकुल सन्तुष्ट हूँ। मैं चाहूँगा कि खादी आन्दोलनने जो शानदार असर पैदा किया है, उसे आप महसूस करें। अगर मिल मालिक ईमानदार रहते, तो हम बहुत कुछ आगे बढ़ गये होते । मिलोंके खादी उत्पादनके आँकड़े अब मुझे मिल गये हैं। तीन वर्षोंके आंकड़े इस प्रकार हैं : ये आँकड़े दिसम्बर तकके ९ महीनोंके हैं । पौण्ड १९२५ २२८८७९७० गज ६५०४८४८७ १९२६ १९२६ २७२३६३३७ ३३९७७८५१ ७४३१३२३० ८४३८०३६८ आप देखेंगे कि मिलें कितनी तीव्र गति से खादीकी दिशामें आगे बढ़ती रही हैं। एक सालमें ९४.३ गज ! इसका अर्थ यह है वह सारा पैसा कंगालोंकी जेबोंसे छीना गया है। यह खादी आन्दोलनकी शक्तिको भी जाहिर करता है। अंग्रेजी (एस० एन० १३१३३) की फोटो नकलसे । हृदयसे आपका, १७०. भाषण : हरिजनोंकी सभा में २७ मार्च, १९२८ अभी जो भजन गाये गये हैं उन्हें सुननेके बाद मुझे ऐसा प्रतीत हुआ है कि आपके और मेरे बीच किसी प्रकारका अन्तर नहीं है। अभी मेरा स्वास्थ्य ऐसा नहीं है कि मैं किसी भी सभामें भाग ले सकूं। और डाक्टरोंने भी मुझे सभाओं में जानेके लिए मना किया है। आज मैं आया हूँ इससे आप यह न मान लें कि मेरी तबीयत बिलकुल ठीक है। काफी समयके बाद और अहमदाबाद आनेके बाद मैं आज पहली बार इस सभामें आया हूँ, क्योंकि श्री बैंकर और दूसरे लोग बहुत दिनोंसे अनुरोध कर रहे थे कि मुझे शहरके भंगी भाइयोंको भी कुछ समझाना चाहिए। ठीक-ठीक देखा जाये तो आप लोग ही उच्च वर्णके हिन्दू हैं । आपने बहुत त्याग किया है। यदि आपमें कुछ बुराइयाँ हैं तो उनके लिए आपसे ज्यादा तथाकथित उच्च वर्णके हिन्दू ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने आपको त्याग दिया इसीलिए ये बुराइयाँ आप लोगोंमें आई । अब मैं यही चाहता हूँ कि आप अपने इन दोषोंको दूर करें । १. देखिए "बहिष्कार पर एक मिल मालिक ", ५-४-१९२८ । २. यह सभा ७-३० बजे शामको मगनवाड़ी में हुई थी। कस्तूरबा गांधी, वल्लभभाई पटेल और अनसूया बहन साराभाई भी समामें उपस्थित थे। कार्यक्रमके प्रारम्भमें भजन गाये गये थे। Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/१८८
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