सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/१९१

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

पत्र : रामी गांधीको १५९ (क) पहले तो कमसे कम एक घंटा रोज खुदकी तैयार की हुई पूनियोंसे भली-भाँति कातना । (ख) यदि आपको हिन्दी नहीं आती तो उसे सीखना ताकि आप सही हिन्दी बोल और लिख सकें । (ग) अन्य सभी किस्मोंके कपड़ेको छोड़कर खद्दर पहनना । (घ) अपने माता-पिताकी खुली इजाजत लेना । श्रीयुत एम० देवनदास नारायणदास छात्र कक्षा ७ न्यू हाई स्कूल कराची अंग्रेजी (एस० एन० १३१३६) की माइक्रोफिल्मसे । १७३. पत्र : रामी गांधीको हृदयसे आपका, सत्याग्रह आश्रम साबरमती २८ मार्च, १९२८ चि० रामी, तुम्हारा पोस्टकार्ड मिला। जैसे सुन्दर अक्षर तुमने इस बार लिखे हैं वैसे ही हमेशा लिखती रहना । इसके बाद पत्रोंमें मुझे अपना रोजका कार्यक्रम लिखकर भेजना । वहाँकी जलवायु कैसी लगती है यह भी लिखना । यह सही है कि मेरे यूरोप जानेकी बात चल रही है, परन्तु अभी कुछ पक्का फैसला नहीं हुआ है । जाना हुआ भी तो कुछ दिनोंके बाद ही होगा। वहाँ तुम्हें कुछ पढ़नेका समय भी मिलता है या नहीं ? चि० राधा बिहारकी एक कन्याकी शिक्षिका होकर बिहार गई है। दुर्गा भी मदद करनेके लिए उसके साथ गई है । गुजराती (एस० एन० ९७०९) की फोटो नकलसे । बापूके आशीर्वाद Gandhi Heritage Portal