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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/१९८

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१८१. टिप्पणियाँ राष्ट्रीय सप्ताहके लिए विशेष श्रीयुत विट्ठलदास जेराजाणी (खादी भंडार, प्रिन्सेस स्ट्रीट, बम्बई) लिखते हैं: मुझे पूरी आशा है कि खादी श्रीयुत जेराजाणीकी समुचित इच्छा और आशाके अनुरूप ही यथेष्ट बिकेगी। बम्बई पर राष्ट्रके मनोभावोंका हमेशा ही असर पड़ता आया है । बम्बईने पहला खादी भण्डार खोलकर राष्ट्रीय खादी आन्दोलनकी नींव डाली थी । पत्र में दिये गये आँकड़े भी शिक्षाप्रद हैं । १९२५ में इतनी मंदी आ जानेका कारण कालबादेवी रोडमें एक और खादीका बड़ा भण्डार खुलना बतलाया जा सकता है । तो भी दूसरे बरसोंके आंकड़े यह स्पष्ट सिद्ध करते हैं कि बम्बई राजनीतिक दृष्टिसे जागृत हिन्दुस्तानकी स्थितिका सच्चा परिचायक है । १९२७ के अंकोंसे तो १९२६ की बनिस्बत बिक्रीमें काफी बढ़ोतरी दिखलाई पड़ती है । क्या बम्बई फिर १९२२ की जैसी बिक्री करेगा ? मगर इसका यह मतलब नहीं है कि १९२२ की जैसी विक्री करनेसे ही यह बहिष्कार सफल हो सकेगा । हम इसे सफल करना चाहते हैं और अगर हममें केवल आवश्यक त्याग और दृढ़ संकल्प हो तो उसे सफल कर भी सकते हैं। दूसरी एक और विज्ञप्ति शुद्ध खादी भण्डार, रिची रोड, अहमदाबादसे मेरे पास आई है । यह भण्डार भी कपड़ेकी किस्मके अनुसार, रुपये पीछे एकसे लेकर चार आने तककी छूट देगा । मैं आशा करता हूँ कि सभी खादी भण्डार चाहे वे चरखा संघके हों, या उससे प्रमाणपत्र प्राप्त हों, जनताका ध्यान खादीकी ओर दिलानेकी खास कोशिश करेंगे और सर्व साधारण भी पर्याप्त खादी खरीदेंगे । खादीके सिलसिलेमें बंगालका दौरा बंगालमें शायद इस बातको जोर देकर कहने की जरूरत है कि श्रीयुत सतीश चन्द्र दासगुप्तने जिस खादी सम्बन्धी दौरेका आयोजन किया है वह दौरा अखिल भारतीय देशबन्धु स्मारक कोषके सिलसिले में भी है। बंगालके बेताजके राजा स्व० देशबन्धु चित्तरंजन दासकी स्मृतिमें खोले गये अ० भा० देशबन्धु स्मारक कोषके लिए, जो खादीके लिए इकट्ठा किया जा रहा है, सेठ जमनालाल बजाज, श्रीयुत राज- गोपालाचारी, श्रीयुत मणिलाल कोठारी और श्रीयुत शंकरलाल बैंकर अगले महीनेकी ५ १. पत्र यहाँ नहीं दिया जा रहा है। पत्र लेखकने १९२२ से १९२७ तकके राष्ट्रीय सप्ताहोंमें खादी बिक्रीके आंकड़े दिये थे और यह आशा व्यक्तकी थी कि विविध और अच्छी किस्मकी खादी और स्वदेशीको भावनाका विकास देखते हुए आगामी राष्ट्रीय सप्ताहमें अधिक बिक्री होगी, उन्होंने १ से १५ तारीख तकके लिए खादीकी खरीददारीपर रुपये में एक आने छूटकी भी घोषणा की थी । देखिए "राष्ट्रीय सप्ताह", १-४-१९२२ भी । Gandhi Heritage Portal