१७४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय कामके लिए खाली हैं। वह जयसुखलाल गांधी' हैं। वह अमरेली खादी कार्यालयके अधिकारी थे । अब इसकी फिरसे व्यवस्था की जा रही है और जयसुखलालको अवकाश दिया जा रहा है । उत्तराधीन तुम्हारा पत्र बिलकुल ठीक समयपर आया है और उन्हें खाली रखा जा सकता है । परन्तु यह जरूरी है कि उन्हें मुख्य कार्यालयको समेटने और सारा सामान यहां भेज देनेके लिये पहले अमरेली भेजा जाये। इसमें एक पखवाड़ा लग जानेकी सम्भावना है। अभी मैंने उनसे बातकी कि क्या वे यह करनेके लिए तैयार हैं। वे रजामन्द हैं, बशर्ते कि मैं पहले उन्हें सीधा अमरेली जाकर वहाँका काम समेट लेने दूं । आज मैंने उन्हें तार' भेजा है। यदि मुझे तुम्हारा उत्तर तुरन्त न मिला, तो तुम्हें अपने अन्तिम उत्तरके यहाँ मिलनेके बादसे एक पखवाड़े तकका समय देना पड़ेगा । हृदयसे तुम्हारा, बापू श्रीयुत ना० २० मलकानी पीपल्स फ्लड रिलीफ कमेटी हैदराबाद (सिन्ध) अंग्रेजी (जी० एन० ९५१) की फोटो नकलसे । १८८. पत्र : म्यूरियल लेस्टरको ३० मार्च, १९२८ मैंने आपके समुद्री तारका उत्तर दे दिया है। अभीतक कुछ निश्चित नहीं है । मुझे क्या करना चाहिए, यह बात मेरे अपने मनमें स्पष्ट नहीं है। मैं एम० रोमाँ रोलाँसे पत्र-व्यवहार कर रहा हूँ । मुझे उनके अन्तिम उत्तरसे किसी निश्चयपर पहुँचने में सहायता मिलेगी। यदि यूरोपकी यात्राका निश्चय हो जाये और यदि मैं समयपर पहुँच जाऊँ तो मुझे समारोह का उद्घाटन करनेमें प्रसन्नता होगी। परन्तु जहाँतक में समझ सकता हूँ, मैं सम्भवतः समयपर नहीं पहुँच सकता। यदि भारत छोड़ना सम्भव हुआ भी तो मई से पहले भारतसे निकलनेकी कोई गुंजाइश नहीं दिखाई देती । इसलिए मेरा सुझाव है कि आप कोई दूसरा प्रबन्ध कर लें । १. परन्तु जयसुखलाल गांधीकी जगह मथुरा व्यासको भेजा गया हैं। देखिए "पत्र : ना० २० मलकानी", ४-४-१९२८ । २. यह उपलब्ध नहीं है। ३. ७ जुलाईको; हस्तकला कक्षका उद्घाटन | Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/२०६
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