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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/२१०

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१७८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय राम तो कहते हैं कि मुझसे मिलना हो तो इस संसारसे भाग जा । मगर शरीरको भगानेसे भागा नहीं जाता। असारताकी वृत्ति पैदा करके चौबीस घंटे काम करते हुए मी हम रामसे मिल सकते हैं । यही बात 'गीता' में सिखलाई गई है। 'गीता' को मैं इसीलिए आध्यात्मिक शब्दकोष मानता हूँ । तुलसीदासने यही बात हमें सुन्दर काव्यके रूपमें सिखलाई है । किन्तु चाबी तो वही है जो मैंने बतलाई है यानी हमारी अपनी कल्पनाके ही राम हमारे तारण हार हैं। मेरा राम मुझे तारेगा, आपको नहीं और आपका राम आपको तारेगा, मुझे नहीं। हम सब तुलसीदासके समान सुन्दर काव्य नहीं लिख सकते किन्तु जीवनमें ईश्वरको उतारकर, उसे काव्यमय बना सकते हैं । [गुजरातीसे] नवजीवन, १-४-१९२८ १९१. भाषण: विद्यार्थियों और अध्यापकोंका सभामें' अहमदाबाद ३१ मार्च, १९२८ विद्यार्थियोंको सम्बोधित करते हुए महात्माजीने अपने सुझावोंको कार्यान्वित कर दिये जानेपर सन्तोष व्यक्त किया। उन्होंने इसपर अवश्य खेद व्यक्त किया कि लड़कों को जितना स्वच्छ होना चाहिए उतने स्वच्छ वे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि खद्दर पहनने का अभिप्राय यह होना चाहिए कि वे शरीर और मन दोनोंसे स्वच्छ हैं। गांधीजीने भाषणको जारी रखते हुए कहा कि मिल-मालिक उदारतासे धन देकर अपना सहायताका हाथ आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि में मिल मालिकोंसे सलाह कर रहा हूँ और उनसे प्रार्थना कर रहा हूँ कि उन्होंने जो पैसा तिलक स्वराज्य कोषके लिए जमा कर रखा है, उसे वे बिना किसी शर्तके और स्कूलोंके प्रशासनमें किसी भी तरहका हस्तक्षेप किये बिना, बच्चोंके लाभके लिए दे दें। स्कूलों का प्रशासन पूरी तरहसे श्रम-संघ पर ही छोड़ दिया जाना चाहिए। यदि वे कुछ भी पैसा न दें तब भी ये स्कूल चलते रहेंगे । ईश्वर महान है और यदि आपका उसमें विश्वास है तो आपको पैसा किसी दूसरे स्रोतसे मिल जायेगा परन्तु शर्त यह है कि आपके आदर्श सच्चे हों । --- गांधीजीने अध्यापकों से कहा आप शिक्षा देनेके लिए पुस्तकोंका प्रयोग बिलकुल मत कीजिये । पुस्तकोंसे आँखें खराब हो जाती हैं, और दिमाग कुष्ठित हो जाता है। १. अहमदाबाद श्रम संघ द्वारा चलाये गये स्कूलोंक विद्यार्थियोंने सुबह कताई-प्रदर्शन किया था। संघ- सचिवने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गांधीजीने जो कुछेक सुझाव दिये थे वे स्कूलों में कार्यान्वित कर दिये गये हैं । Gandhi Heritage Portal