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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/२१३

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पत्र : राय हरेन्द्रनाथको १८१ कर लेंगे । आप इस पत्रको किसी भी हालत में प्रकाशित न करें और कृपया ध्यान रखें कि ये मेरे निजी विचार हैं और यदि इस बातचीतसे कुछ ठोस परिणाम निकलना है, तो सभी सम्बन्धित लोगोंकी औपचारिक सभा बुलवानी होगी । श्रीयुत शान्तिकुमार बम्बई अंग्रेजी (सी० डब्ल्यू० ४७८७) की फोटो नकलसे । सौजन्य : शान्तिकुमार मोरारजी १९४. पत्र : राय हरेन्द्रनाथको हृदयसे आपका, मो० क० गांधी आश्रम साबरमती ३१ मार्च, १९२८ प्रिय महोदय, आपका कृपापूर्ण तार मिला। मुझे अत्यन्त खेद है कि मैं सम्मेलनमें उपस्थित नहीं हो सकूंगा । बहरहाल मैं आपके लिए सब तरहसे सफलताकी कामना करता हूँ और आशा करता हूँ कि सम्मेलन लाखों मूक लोगोंका प्रतिनिधित्व करनेवाले खद्दरको नहीं भूलेगा । श्रीयुत राय हरेन्द्रनाथ अध्यक्ष स्वागत समिति बंगाल प्रान्तीय परिषद चान्द्री, कलकत्ता अंग्रेजी (एस० एन० १३१४२) की माइक्रोफिल्म से । हृदयसे आपका, Gandhi Heritage Portal