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२११. पत्र : बी॰ शिवा रावको
आश्रम
साबरमती
४ अप्रैल, १९२८
प्रिय मित्र,
आपका पत्र मिला। आपके लिए ज्यादासे ज्यादा अच्छा जो कुछ मैं कर सकता हूँ, उसे इस पत्रके साथ नत्थी[१] कर रहा हूँ। आप एक लेख चाहते हैं। मुझसे लेख ले पाना ऐसा ही है जैसे किसी पाषाण हृदयसे दयाकी आशा रखना।
हृदयसे आपका,
श्रीयुत बी॰ शिवा राव
थियोसोफिकल सोसाइटी अडयार
मद्रास, द॰अंग्रेजी (एस॰ एन॰ १३१५८) की फोटो–नकलसे।
२१२. सन्देश : 'न्यू इंडिया' को
सत्याग्रह आश्रम
साबरमती
४ अप्रैल, १९२८
'न्यू इंडिया' के लिए मैं अपनी शुभ कामनाएँ भेजता हूँ; वह वर्षों तक देशकी उपयोगी सेवा करता रहे। ईश्वर करे कि इसके पुनर्जीवनसे स्वराज्यका आगमन पास आये।
अंग्रेजी (एस॰ एन॰ १३१५८) की फोटो–नकलसे।
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