३८७. पत्र : अजमल जामिया कोषके कोषाध्यक्षको सत्याग्रह आश्रम साबरमती १८ मई, १९२८ प्रिय महोदय, अजमल जामिया कोष आपका १० मईका पत्र मिला । २१-४-१९२८ को हमें भेजी गई सूचीमें जोड़की गलतीकी ओर मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ । आपने उसका जोड़ रु० ६९३५-१-० दिया है जब कि सही जोड़ करनेपर वह कुल ६८८४-९-० आता है । इस प्रकार उसमें रु० ५०-८-० का अन्तर है। कृपया इस सप्ताह 'यंग इंडिया' में छपे आँकड़ोंका मिलान अपनी बहीके आंकड़ोंसे कर लें और गलती ढूंढ़ें और मुझे बतायें, जिससे कि अगले अंकमें इसे सही किया जा सके । " सप्ताह में एकत्र हुआ और दान" वाली सूचीमें निम्न नामों उनकी दानकी रकमको नहीं दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि हमने आश्रमवासियोंके दानको एक मुश्त देना ही उचित समझा। मन्त्री आपको पूरी सूची भेज रहे हैं जिसमें आप छोड़े गये आँकड़े भी भर लें । जिनकी दानकी रकमें नहीं दी गई हैं उनके नाम : दुर्भाग्यसे इस सप्ताहके 'यंग इंडिया' में छपी सूचीके आँकड़ोंमें एक गलती हो गई है। जोड़में ८ आने बढ़ गये हैं। मैं प्रेसको भेजी गई मूल सूचीको देख रहा और गलतीको ढूंढनेकी तथा अगले अंकमें उसे ठीक करनेकी आशा करता हूँ । नई सूची भेजते समय आप कृपा करके पिछले अंकमें छपनेके लिए भेजी गई सूचीके अर्थात् उस सूचीके साथ जो आपने अपने १० मईके पत्रके बाद भेजी थी, पूरी सूची मेजें । व्यक्तियोंके नाममें छोटी-छोटी रकमें देनेके बजाय आश्रमके नाममें एक मुश्त देना अधिक अच्छा समझा गया । यदि आप सूचीको छपवाना चाहते हैं तो वह सोमवारसे पहले पहुँच जानी चाहिये । कोषाध्यक्ष अजमल जामिया कोष ३९५, कालबा देवी रोड बम्बई अंग्रेजी (एस० एन० १४९२३) की फोटो नकलसे । १. इसके बाद एक सूची दी गई थी जो यहाँ नहीं दी जा रही हैं । आपका विश्वस्त, Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/३७७
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