एक पत्र ३५५ लिए मिला था, इसलिए आप निजी तौर पर इसके लिए जवाबदेह नहीं हैं । वास्तवमें पैसा आपको आपकी निजी जिम्मेदारी पर पेशगी दे दिया गया था। यदि आप मेरी इस व्याख्याको सही नहीं मानते तो क्या आप पंच फैसला स्वीकार करेंगे ? अ० भा० च० संघकी परिषद्को [ इस मामले में ] एक कर्त्तव्य निभाना है। इसलिए आप उसकी और मेरी कठिनाईको महसूस करेंगे।" श्रीयुत टी० प्रकाशम् t 13 स्वराज्य ' ब्रॉडवे, मद्रास जी० टी० अंग्रेजी (एस० एन० १३६०७) की माइक्रोफिल्मसे । हृदयसे आपका, ४००. एक पत्र २४ मई, १९२८ प्रिय मित्र, अब आपको श्री रामनाथनका पत्र मिल गया होगा और मुझे विश्वास है कि आपने जो जमानतकी रकम जमा कराई है, उसे रोक रखनेके कारणोंके सम्बन्धमें यदि आपको सन्तोष न हो तो आप पंच- फैसलेको स्वीकार कर लेंगे । अंग्रेजी (एस० एन० १३६०८ ) की माइक्रोफिल्म से । १. इस पत्रकी एक प्रति अ० भा० च० संघके सचिवको भेजी गई थी। २. जिस व्यक्तिको पत्र लिखा गया है उसका नाम नहीं दिया जा रहा है। हृदयसे आपका, Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/३८७
दिखावट