३७४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय खर्च करेंगे।" वे ऐसे ही आदमी हैं । यदि उन्हें विश्वास हो जाये तो वह असीम सहायता कर सकते हैं। सस्नेह, श्रीयुत सतीशचन्द्र दासगुप्त खादी प्रतिष्ठान सोदपुर अंग्रेजी (जी० एन० १५९३) की फोटो नकलसे । ४२६. पत्र : वसुमती पण्डितको चि० वसुमती, बापू साबरमती बुधवार [ ३० मई, १९२८] तुम्हारा पत्र मिला । मुख्याध्यापिकासे गन्दगी के बारेमें शान्तिपूर्वक बात करना और उसे कैसे दूर किया जाये इसकी व्यवस्था करना । यहाँ सब काम ठीक चल रहा है । बापूके आशीर्वाद गुजराती (सी० डब्ल्यू ० ४७५ ) की फोटो - नकल से । सौजन्य : वसुमती पण्डित ४२७. बारडोलीकी परीक्षा उतावली में यह खयाल भले ही आ जाये कि इस समय बारडोलीमें सरकारकी परीक्षा हो रही है, मगर यह खयाल गलत होगा । सरकारको परीक्षा तो बीसों बार हुई है, और वह कच्ची निकली है। जब भी इसके शरीरके किसी मर्म-स्थलपर चोट पहुँचती है तभी इसकी नीति भय-प्रदर्शनकी रहती है। जब कभी इसकी प्रतिष्ठा या राजस्वको खतरा होता है, यह भले-बुरे सभी उपायोंसे दोनोंको बनाये रखनेका प्रयत्न करती है । यह भय-प्रदर्शन करनेमें और उसे बेह्याईसे झूठ बोलकर छिपानेमें संकोच नहीं करती। इस ताजा खबरसे कि अब पठानोंको यह हुक्म देकर गाँवोंमें भेजा गया है कि वे ग्रामीणोंके घरोंको रातदिन घेरे रहें, न तो आश्चर्य होना चाहिए और न क्रोध ही आना चाहिए। ताज्जुब तो यह है कि उन्होंने बारडोलीमें अबतक १. ढाककी मुहरसे। Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४०६
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