३७६ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय याद रखना चाहिए कि जबतक रुका जा सकता था तबतक उन्होंने अपील नहीं की। लोगोके जेल जानेके कारण अपील किये बिना काम चलना सम्भव नहीं रहा है । मुझे इसमें जरा भी सन्देह नहीं है कि आर्थिक सहायता तुरन्त और बड़ी उदारतासे मिलेगी। एक और चीज जो इतनी ही जरूरी है वह है प्रबुद्ध जनमतकी अभिव्यक्ति । प्रजा सारी हकीकत ध्यानसे सोचे समझे और तब सारे देशमें सार्वजनिक सभाएँ की जायें। श्रीयुत जयरामदासका यह सुझाव मुझे पसन्द आया है कि आगामी १२ जून या कोई दूसरा उपयुक्त दिन बारडोली दिवस घोषित किया जाये और उस दिन सब जगह सभी दलोंके लोगोंकी सभाएँ करके बारडोली- पीड़ितोंकी सहायताके लिए प्रस्ताव पास किये जायें और चन्दा इकट्ठा किया जाये । [ अंग्रेजीसे यंग इंडिया, ३१-५-१९२८ ४२८. दक्षिणमें अस्पृश्यता धुर दक्षिणमें, अर्थात् केरलमें अस्पृश्यताका अत्यन्त निकृष्ट और भौंडा रूप दिखाई देता है; फिर भी दक्षिणके सुधारकोंने इस बुराईको दूर करनेके लिए अधिक, कमसे कम पर्याप्त कार्य नहीं किया है। वे इस आन्दोलनके लिए उतना धन भी देना नहीं चाहते जितना आवश्यक है और जिसे वे दे सकते हैं। इसीलिए जब मैंने अपनी दक्षिणकी यात्रामें कालीकटमें वहाँके लोगोंसे रुपया इकट्ठा करना आरम्भ किया तो मुझे यह देखकर प्रसन्नता हुई कि बम्बईकी दक्षिण भारतीय बस्तीके लोगोंने यह विचार व्यक्त किया कि कालीकटमें जितना धन इकट्ठा किया गया है वे उससे बहुत अधिक रकम इकट्ठा कर देंगे और जब मैं बम्बईसे गुजरूँगा, वे वह रकम मुझे दे देंगे । जब मैं हालमें बम्बई गया था तब उनका एक शिष्टमण्डल इसी वादेको पक्का करनेके लिए मुझसे वहाँ मिला था और उसने मुझे विश्वास दिलाया था कि वे लोग उस वादेको भूले नहीं है, और रुपया इकट्ठा करनेके लिए 'अनुकूल समय' की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब शिष्ट-मण्डलके एक सदस्यने लिखा है : छोटी-छोटी तनख्वाहें पानेवाले बहुत-से युवक अपना रुपया घुड़-दौड़ोंमें और शहरोंके दूसरे प्रलोभनोंमें खर्च करते रहते हैं। यदि हम उन्हें उनकी इन वर्तमान कुप्रवृत्तियोंसे विरत कर सकें तो उस रकमसे उनके और बम्बई शहरके लाभार्थं कुछ किये जानेकी आशा की जा सकती है। मुझे आशा है कि दक्षिण भारतीय युवकोंमें यह सुधार आन्दोलन गहरी जड़ पकड़ेगा । मेरी सलाह है कि वे 'अनुकूल समय' की प्रतीक्षा न करें, क्योंकि कोई मी अच्छा काम करने या किसी भी अच्छे कामके लिए धन माँगने या धन देनेके लिए सभी समय उपयुक्त होते हैं। 'अस्पृश्य', अनुपगम्य' और 'अदर्शनीय' लोगोंके लिए किये जानेवाले कार्यसे अच्छा कार्य दूसरा नहीं हो सकता । यदि बम्बईमें रहनेवाले Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४०८
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