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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४१८

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४४० पत्र : वी० एस० श्रीनिवास शास्त्रीको प्रिय मित्र और भाई, साबरमती ४ जून, १९२८ आप मुझे अपनी तरफकी घटनाओंकी जानकारी नियमित रूपसे दे रहे हैं । उनसे मुझे बड़ी मदद मिलती है । मैं उन दो निर्णयोंपर इस सप्ताह बड़ी सावधानीके साथ 'यंग इंडिया' में एक लेख' लिख रहा हूँ । यदि हो सका तो मैं आपको उस लेखकी एक अग्रिम प्रति भेज दूंगा । प्रागजीने मुझे एक लम्बा पत्र लिखा है । वह अच्छे व्यक्ति हैं। मैंने आपके समुद्री तार पर कार्यवाही की है और वहाँ अपने मित्रोंको समुद्री तार भेज दिया है कि उन्हें निर्देशनके लिए आपपर भरोसा रखना चाहिए। आशा है कि आप ठीक होंगे। अंग्रेजी (एस० एन० ८८१५ ) की फोटो - नकलसे । ४४१. बारडोली दिवस हृदयसे आपका, साबरमती ५ जून, १९२८ मैं आशा करता हूँ कि बारडोली दिवस, आगामी १२ जूनको सारे हिन्दुस्तान में उचित ढंगसे और उत्साहसे मनाया जायेगा । इसे मनानेका सबसे अच्छा तरीका यह है कि जहाँ-कहीं सम्भव हो काम बन्द रखा जाये और सारा दिन बारडोली पीड़ितोंकी और इस संघर्षके संचालनमें श्रीयुत वल्लभभाई पटेल तथा उनके कार्यकर्त्ताओंकी सहायताके लिए धन जमा करनेमें लगाया जाये; सार्वजनिक सभाएँ की जायें, जिनमें और ज्यादा चन्दा जमा किया जाये और सत्याग्रहियोंकी मांगोंके समर्थनमें और सरकारके जुल्मोंके विरोधमें प्रस्ताव पास किये जायें। स्वयंसेवकोंकी माँग करनेकी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि श्रीयुत वल्लभभाईके पास उनके काम लायक काफी स्वयंसेवक हैं । १. देखिए "दक्षिण आफ्रिकाके भारतीय", ७-६-१९२८ । २. देखिए "तार : दक्षिण आफ्रिकी भारतीय कांग्रेसको", २९-५-१९२८ या उसके पश्चात् । ३. इस शीर्षक सम्बन्धी एक रिपोर्ट बॉम्बे क्रॉनिकल, ६-६-१९२८ में छपी थी। यह तिथि वहस ली गई है। Gandhi Heritage Portal