सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४५८

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

४२६ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय टिप्पणी : आश्रमके सभी विभागों में महत्वपूर्ण फेरफार होते रहने के कारण फिलहाल एक वर्ष (सन् १९२९ के जून तक) कार्यवाहक मण्डलका आग्रह विद्यार्थी भरती न करनेका है । ८. खादी सेवक शाला अखिल भारतीय चरखा संघकी ओरसे आश्रम खादी-सेवक तैयार करनेके लिए अलग ही उद्योगशाला चलाता है, जिसमें अभी जुदा-जुदा प्रान्तोंके ३३ विद्यार्थी हैं । आजतक उससे २०५ विद्यार्थियोंने लाभ उठाया है। शालाका पाठ्यक्रम इस प्रकार है : खादी विद्यालय पाठ्यक्रम कातना ( २१ सप्ताह) १. केवल हाथकी उँगलियोंके सहारे कातना । २. सूतकी मजबूतीके सिद्धान्तोंको जानना । ३. सूतमें जुदा-जुदा अंकोंकी आवश्यक मजबूती, समानता और गति इस प्रकार होनी चाहिए : समय अंक गज मजबूती समानता रुईकी किस्म १ घंटा ६ २५० ५० ८० हलकी १ ९ २५० ५० ८० हलकी १ १२ ३०० ६० ९० मध्यम १ १६ ३०० ७० ९० अच्छी १ २० ३०० ७० ९० अच्छी कातनेका क्रम : १ सप्ताह तक शुरूमें कातनेका अभ्यास करना । ४ सप्ताह ३ १ ६ अंकका ५ रतल सूत कातना ९ २॥ 1 १२ ४।। १६ २।। 33 २० २।। 33 सामान्य कुल २१ सप्ताह ४. तकुवेकी परीक्षा करनी और उसे सुधारना । ५. तकली पर कातना । ६. मोटे तौर पर सुतका अंक पहचान सकना । ७. जाँच कर सूतका अंक निकालना । ८. सूतको अच्छी तरह उतारना । ९. चरखेके हरएक भागको पहचानना और हरएकका नाम जानना । Gandhi Heritage Portal