४२८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय पिट-लूम ३. सूत भिगोकर, सुखाकर, कुकड़ी भरकर, ताना डालकर, मांडी लगाकर, टूटे धागे जोड़कर, निम्न परिमाण में खादी बुननी : अंक किस्म गज पन्हा १" तानेमें सूत-संख्या दिन (क) ६ मोटी २० ३० ५ घरकी दो सूती २० (ख) ६ गाढ़ी १० ८, ९ 13 33 २० 33 (112) ९ १२ १० " ६ 32 33 2 १८, १९ एक सूती ) ९ (च) १२ (छ) १६ (ज) १२ सादी १२ (झ) १६ (ञ) २० (ट) १से ६ जीन " 33 13 33 27 २१ 13 33 33 २४ 222222 L १२ १२ १२ १५ झटका-करघा 33 13 13 ४२" ४५" २० १७ 13 ७२ ५०" २२ नक्काशीदार कपड़ेकी बनावट १० (ठ) (3) " हनीकोम्ब टवील ३०" १६ ८ 32 23 " १२ ८ 33 १६ 33 33 23 ४. राछके लिए ४ रतल सूत भिगोना। शुरूआत की सभी क्रियाएँ करके राछ बाँधना और फणी सुधारनी रंगाई २३ डा० प्र० च० राय और श्रीयुत वंशीवर जैनको पुस्तकों के अनुसार रंगना और छापना । छापने और रंगने में मुख्य विलायती रंगोंको उपयोग करके जान लेना २४ बढ़ईगिरीकी शिक्षा ३० १. तीन तरहके अटेरन बनाना और औजार घिसना आदि जानना । २. तकली पेटी और चरखेका मोढिया या चमरखका मोहरा बनाना । ३० ३. मध्यम पिंजन, बारडोली पिंजन, कामटी पिंजन, तकुवा और तकली बनानी । ३० विशेष ऊपरके क्रमके साथ (क) हिन्दी, हिसाब के वर्ग, (ख) खादी निबन्ध, खादी-पत्रिका, व्याख्यान और (ग) चरखा संघके कार्यवाहक मण्डलके सदस्यों और दूसरे नेताओंके व्याख्यान । आश्रम में प्रति विद्यार्थी मासिक भोजन खर्च लगभग १२ रुपया आता है । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४६०
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