सत्याग्रह आश्रम कार्यवाहक मण्डल ४२९ आश्रमकी व्यवस्था १९८२ के आषाढ़ सुदी १४, शनिवार २४-७-१९२६ से कार्यवाहक मण्डल के अधीन चलती है । इस समय उसके निम्नलिखित सदस्य : श्री महादेव हरिभाई देसाई (प्रमुख) श्री इमाम अब्दुल कादिर बावजीर (उप-प्रमुख ) श्री विनोबा भावे श्री खुशालचन्द गांधी श्री नरहरि द्वारिकादास परीख श्री लक्ष्मीदास पुरुषोत्तम आसर श्री रमणीकलाल मगनलाल मोदी श्री चिमनलाल नरसिंहदास शाह श्री छगनलाल नथुभाई जोशी श्री नारणदास खुशालचन्द गांधी श्री सुरेन्द्रजी सदस्य इस मण्डल में से किसीकी मृत्यु हो जाने, अथवा किसी दूसरी तरहसे किसीकी जगह खाली हो जाने पर उसे भरनेका अधिकार मण्डलको है । कार्यवाहकका चुनाव, यह मण्डल कमसे कम तीन चौथाईके बहुमत से करे । इस मण्डलको दो और कार्यवाहक चुननेका अधिकार है । इस मण्डलमें कमसे कम तीन कार्यवाहक होने चाहिए। आश्रमकी कुल व्यवस्थाका अधिकार कार्यवाहक मण्डलको है । विशेष : गांधीजी और काकासाहब कालेलकर स्वेच्छा से ही कार्यवाहक मण्डल में नहीं हैं । आश्रमवासी आश्रमवासी वह है जो आश्रमके उद्देश्य और नियमोंको माने, और आश्रम में या आश्रमकी सम्मतिसे बाहर रहकर नियमों का पालन करनेका सतत प्रयत्न करे और कार्यवाहक मण्डल या उसके चुने हुए व्यवस्थापक जो भी काम बताये, उस काम में एक- निष्ठासे लगा रहे । कार्यवाहक इक्कीस वर्षके या उससे बड़े वे ही आश्रमवासी स्त्रियाँ या पुरुष कार्यवाहक मण्डलके सदस्य बन सकते हैं जिन्होंने कमसे-कम ५ वर्ष आश्रम में बिताये हों, और जिन्होंने आश्रम में या आश्रम की ओरसे चलनेवाले किसी काममें आजन्म रहनेकी प्रतिज्ञा की हो । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४६१
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