४३८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय पीटा। परन्तु वहाँ मिलनेके लिए कुछ था ही नहीं। बेचारे सुरेन्द्रको बड़ी मार पड़ी । परन्तु अब वह ठीक है । श्रीयुत रामचन्द्रन् अ० भा० च० संघ, तिरुपुर अंग्रेजी (एस० एन० १३६२१ ) की माइक्रोफिल्मसे । ४८७. छुट्टियोंमें खादी सेवा बम्बई राष्ट्रीय विद्यालयके तकली-मण्डलके संचालकोंने आचार्य श्री गोकुलभाईकी साक्षीके साथ नीचेका लेख भेजा है। उसमें जरा भी काटछाँट किए बिना मैं सारा दे रहा हूँ। मैं हरएक शालाके अध्यापकोंका ध्यान इस ओर खींचता हूँ । छुट्टीका ऐसा अच्छा उपयोग करनेके लिए मैं तकली-मण्डलको धन्यवाद देता हूँ । राष्ट्रीय शालामें पढ़नेवाले सभी विद्यार्थियोंको तकली-मण्डल में शामिल होना चाहिए। उसमें और अधिक दिलचस्पी लेनेसे अधिक काम होना सम्भव है । [ गुजरातीसे ] नवजीवन, १७-६-१९२८ ४८८. टिप्पणियाँ लुटेरे पत्रकार कितने ही समाचारपत्रोंके सम्पादक और मालिक लुटेरोंका ही व्यवसाय करते हुए जान पड़ते हैं। वे चाहे जो बहाना खोज कर, निर्दोष व्यक्तियोंकी झूठी आलोचना करके और उन्हें धमकियाँ देकर पैसा लूटते हैं। कई तो रुपये लेकर कालेको उजला साबित करनेका बीड़ा उठाते हैं और इस तरह भोली जनताको भ्रममें डालते हैं । ऐसा एक उदाहरण कलकत्तेसे एक मित्रने मेरे पास भेजा है। वहाँका एक समाचारपत्र गोविन्द भवनके बारेमें प्रकाशित अनीतिका लाभ उठाकर, बहुतसे कुटुम्बोंकी निन्दा कर रहा है और मारवाड़ी जातिके सीधे-सादे लोगोंको दुःख पहुँचा रहा है। जो कभी घटित नहीं हुई, ऐसी ही अश्लील बातें खोज कर वह बहुतसे कुटुम्बोंके साथ जोड़ देता है । इस गन्दे अखबारको मेरे पास भेजनेवाले मित्रका अनुरोध है कि मैं ऐसे अखबारोंके बारेमें कुछ लिखूं, जिससे वे अपना रवैया सुधारें। मुझे अपने लेखोंसे १. यहाँ नहीं दिया जा रहा है। लेखमें तकली मण्डलके सर्व-सामान्य कार्यके अलावा चुने हुए चौदह विद्यार्थियों द्वारा गर्मीको छुट्टियों में घर-घर जाकर खादी बेचनेका विवरण और उसके आँकड़े दिए गये थे। उसी अवकाशमें दो खादी बाजार और खादी प्रदर्शनी खोलने का उत्साहवर्धक अनुभव भी वर्णित था । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४७०
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