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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४८०

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४४८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय काश ! मुझे यह सारा विवरण देनेका वक्त होता ! कांग्रेस प्रदर्शनीके साथ-साथ अपनी प्रदर्शनी अलगसे लगानेमें सक्रिय विरोधकी गंध आयेगी । मेरा खयाल है कि हमारा ऐसा करना उचित न होगा। यदि [ कांग्रेस ] प्रदर्शनी में मिलका बना कपड़ा शामिल किया गया तो यह मेरा पूरा निश्चय है कि हम इसमें भाग नहीं लेंगे। परन्तु कांग्रेस प्रदर्शनीके विरोध में प्रदर्शनी लगानेके औचित्य अथवा उपयोगिताके बारेमें मैं बिल्कुल आश्वस्त नहीं हूँ। क्योंकि हमारी प्रदर्शनी कांग्रेस प्रदर्शनीके विरोध में ही मानी जायेगी, उसका कोई दूसरा अर्थ निकाला भी नहीं जा सकता। इसलिए मैं चाहूँगा कि आप इस पर गम्भीरतासे विचार कर लें । कलकत्ता निगमसे आर्डर प्राप्त करना बढ़िया रहा । सस्नेह, अंग्रेजी (जी० एन० ८९१७) की फोटो नकलसे । प्रिय जवाहर, ४९६. पत्र : जवाहरलाल नेहरूको बापू १७ जून, १९२८ मुझे तुम्हारे दो पत्र मिले। कमला और इन्दुके समाचारोंसे चिन्ता होती है । आशा है कि मुझे तुमसे और अधिक निश्चित जानकारी मिलेगी। मैं तो दोनोंके लिए, कमसे कम कमलाके लिए तो निश्चय ही 'गरीब आदमीका इलाज' सुझाना चाहता हूँ। वह यह है कि कूनेकी पद्धतिके अनुसार कटि-स्नान और घर्षण-स्नान (सिट्ज़-बाथ) किया जाये और सूर्य स्नानके साथ पथ्य आहारका प्रयोग किया जाये। परन्तु मैं जानता हूँ यह व्यवहार्य नहीं है और उसे साधारण इलाज ही करवाना पड़ेगा । मुझे आशा है कि समिति संविधानका सर्वसम्मत और सम्पूर्ण मसविदा तैयार कर सकेगी। महादेव आश्रमके कुएँ परसे गिर गया था, बहुत चोट आई, चारपाई पर पड़ा है पर अब पहलेसे ठीक है । अंग्रेजी (एस० एन० १३४२०) की फोटो नकलसे । Gandhi Heritage Portal