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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४८२

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४९८. पत्र : च० राजगोपालाचारीको १७ जून, १९२८ रामचन्द्रन्का पत्र भेज रहा हूँ; मुझे लगा आप उसे पढ़ना चाहेंगे और वह आपको पसन्द भी आयेगा । 'नवजीवन' का ट्रस्ट बना दिया गया है। मैंने आपका नाम ट्रस्टियोंमें शामिल कर लिया है । आशा है कि आप इसमें आपत्ति नहीं करेंगे। दूसरे ट्रस्टी इस प्रकार हैं : श्रीयुत दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर श्रीयुत शंकरलाल घेलाभाई बैंकर श्रीयुत जमनालालजी बजाज श्रीयुत महादेव हरिभाई देसाई श्रीयुत वल्लभभाई झवेरभाई पटेल श्रीयुत छगनलाल खुशालचन्द गांधी श्रीयुत चक्रवर्ती राजगोपालाचारी श्रीयुत मोहनलाल मगनलाल भट्ट आश्रममें बहुतसे परिवर्तन कर दिये गये हैं। दो चोरियाँ भी हो चुकी हैं। उनमें से एक बड़ी गम्भीर किस्म की थी। मैंने भी सुब्वैयासे कहा है कि इन सबका विवरण आपको दे । इसके साथ रामनाथन्‌का पत्र और अपना उत्तर भेज रहा हूँ। संलग्न पत्र ३ (५ पन्ने) अंग्रेजी (एस० एन० १३६२२ ) की फोटो नकलसे । १. देखिए " पत्र : एस० रामनाथनको ", १६-६-१९२८ । 17-1 Gandhi Heritage Portal