४७४ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय मैं तुम्हारा भारतमें बीमार रहना तो समझ सकता था, परन्तु तुम वहीं क्यों बीमार हो ? मैं आशा करता हूँ कि तुम अपनी पहले जैसी ताजगी और शक्ति सहित वापस आओगी । तुम दोनों कब तक बाहर रहोगे ? मेनन कहाँ पढ़ रहा है ? श्रीमती एस्थर मेनन हेव, एसनेस डेन्मार्क अंग्रेजी (एस० एन० १४३३६) की फोटो - नकलसे । ५१९. पत्र : बेन एम० चेरिंग्टनको सत्याग्रह आश्रम साबरमती प्रिय मित्र, २२ जून, १९२८ आपका पत्र मिला । आप अपनी मदद करनेकी मेरी योग्यताको सीमासे ज्यादा कूत रहे हैं। बहरहाल मैं अपनी योग्यतानुसार भरसक आपके प्रश्नोंका' उत्तर देनेकी कोशिश करता हूँ । श्री बेन एम० चेरिंग्टन हृदयसे आपका, कार्यकारी सचिव डेन्वर विश्वविद्यालय कोलोरेडो स० रा० अ० अंग्रेजी (एस० एन० १४३३५) की फोटो नकलसे । [ संलग्न पत्र ] पश्चिमकी [ दान द्वारा स्थापित विद्या-] संस्थाओंके निर्माणके इतिहासका अध्ययन करनेका मुझे कभी अवसर नहीं मिला। उनके सम्बन्धमें मेरा ज्ञान बहुत ही सरसरी किस्मका है और इसलिए उसका कोई महत्व नहीं है । १. प्रश्न उपलब्ध नहीं हैं। २. संलग्न पत्र । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/५०६
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