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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/५२०

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४८८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय तरहकी रोक लगाई जायेगी और उन्होंने मेरे इस विचारका समर्थन किया है कि वे जानते थे कि चन्देका उपयोग उपर्युक्त उद्देश्यके लिए ही किया जाना है और उन्होंने चन्दा इसीलिए दिया है, क्योंकि उन्हें संघर्षके साथ पूरी सहानुभूति है । श्रीयुत के० नटराजन सम्पादक

  1. इंडियन डेली मेल'

बम्बई अंग्रेजी (एस० एन० १४४४६) की माइक्रोफिल्मसे । भाईश्री विट्ठलभाई, ५३१. पत्र : विट्ठलभाई पटेलको | हृदयसे आपका, २५ जून, १९२८ आपका पत्र मिला । आपको मालूम होना चाहिए कि आपके पत्र एक दिन देरसे मिलते हैं। छोटा पत्र शनिवारको और बड़ा कल रविवारको मिलना चाहिए था, किन्तु दोनों देरसे मिले। डाक यहाँ [पोस्ट ] आफिसमें खोली तो नहीं जाती, लेकिन यदि ऐसा होता हो तो यह जानना जरूरी ही है कि वहाँ से पत्र डाकमें देरीसे तो नहीं डाले गये थे ? आपने बड़े पत्रमें जो लिखा है वह मुझे बहुत अच्छा लगा है। सरदारकी आबरू योग्य रीतिसे रखी जा सके तो जरूर रखें, पर लोकहित खोकर नहीं । आपकी तरह मैं भी मानता हूँ कि अब समझोता किये बिना सरकारका निस्तार नहीं है । 'स्टेट्समैन का लेख आपने देखा है ? उसमें सरकारके पक्षकी निर्बलता कबूल की गई है। आप स्पीकर रहते हुए जो करें, अभी वही काफी है । मुझे नहीं लगता कि इस समय इस पदको छोड़ना ठीक होगा। आपके पत्र देरसे आनेका कारण मालूम हो गया है। आप ठिकाना अहमदाबाद लिखते हैं, होना चाहिए साबरमती । मोहनदासके वन्देमातरम् गुजराती (एस० एन० १४४४७) की माइक्रोफिल्मसे । Gandhi Heritage Portal