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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/५२१

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प्रिय मित्र, ५३२. पत्र : रामनाथको आपका पत्र मिला। दुर्भाग्यसे यह सही है । परन्तु अभी हम नहीं पहुँच सके हैं कि हम खादीका धागा बना सकें। इसमें कुछ श्रीयुत रामनाथ ओवरसियर डा० शेखवाहन बहावलपुर रियासत अंग्रेजी (एस० एन० १३४३२) की माइक्रोफिल्मसे । सत्याग्रह आश्रम साबरमती २७ जून, १९२८ ऐसी स्थिति पर वक्त लगेगा । हृदयसे आपका, ५३३. पत्र : गोवर्धनभाई आई० पटेलको सत्याग्रह आश्रम साबरमती प्रिय गोवर्धनभाई, २७ जून, १९२८ आपका पत्र मिला। इसमें आपके और मेरे बीच और उसके बाद सेठ मंगलदास और मेरे बीच हुई बातचीतका सार तो आ जाता है किन्तु इस सम्बन्धमें मैं अपने विचार इस भाषामें रखना चाहूँगा : १. गोवर्धनभाई आई० पटेलने अपने पत्रमें दूसरी बातोंके साथ यह लिखा था : आपके साथ हुई निजी चर्चाओंसे मैंने और सेठ मंगलदासने यह समझा है कि आपको संयुक्त प्रशासनके सम्बन्धमें कुछ सैद्धान्तिक आपत्तियाँ हैं... साथ ही मैं यह समझा हूँ कि आप हमें यह सलाह देते हैं कि हम अपनी समिति बनायें, जिसका नाम निरीक्षण समिति रखा जाये और उसे यह अधिकार हो कि वह मजदूर संघके स्कूलोंकी कार्य विधि और खर्चकी छानबीन और निरीक्षण करे। यह समिति समय-समय पर जो शत रखे और सुझाव दे वे मजदूर संघ द्वारा कार्यान्वित किये जायेंगे और यदि मजदूर संघ उनका पालन नहीं करेगा तो वक्त स्कूलोंको अनुदान मिलना अपने-आप बन्द हो जायेगा । Gandhi Heritage Portal