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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/५२६

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४९४ सम्पूर्ण गांधी वामय इसलिए मैं बिहारके नेताओंको, सच्ची लगनके साथ पर्देके विरुद्ध संघर्ष शुरू करनेके लिए बधाई देता हूँ । सामान्यतः सभी सुधारोंकी सफलता कार्यकर्त्ताओंके चरित्रकी पवित्रता पर निर्भर होती है । यह बात इस सुधारके बारेमें तो विशेष रूपसे लागू होती है । अतः इस अपीलपर हस्ताक्षर करनेवाली महिलाओंपर बहुत कुछ निर्भर है । अगर वे पर्दा छोड़ देने पर भी भारतीय स्त्रीत्वका असली शील और विनय बनाये रखें, और बड़ी-बड़ी कठिनाइयोंके सामने भी साहस और दृढ़ निश्चय दिखायें तो उन्हें सफलता शीघ्र ही मिलेगी। पर्देके विरुद्ध आन्दोलन अगर ठीक-ठीक चलाया जाये तो यह बिहारकी स्त्रियों और पुरुषों, दोनोंके लिए सही किस्मकी सार्वजनिक शिक्षाका साधन बन जायेगा । [ अंग्रेजीसे ] यंग इंडिया, २८-६-१९२८ ५३८. पत्र : पार्वतीको आश्रम साबरमती ३० जून, १९२८ चि० पार्वती, दक्षिण आफ्रिकासे तार मिला है कि प्रागजी केस जीत गये हैं । तुम्हारी तबीयत अच्छी रहती होगी। कभी-कभी खत लिखा करो। सुख-दुःखमें भाग नहीं ले सकता तब भी तुम्हारा हाल मालूम हो यह इच्छा तो होती ही है। गुजराती (जी० एन० ५०३२) की फोटो - नकलसे । बापूके आशीर्वाद Gandhi Heritage Portal