होगा कि लोग स्वराज्यके लिए और 'स्वराज्य' शब्दसे जिन चीजोंका बोध होता है, उन चीजोंके लिए दुगुने उत्साहसे काम करें।
- [ अंग्रेजीसे ]
- हिन्दू, १९-११-१९२८
८१. लाजपतरायको श्रद्धांजलि[१]
अहमदाबाद
१७ नवम्बर, १९२८
महात्माजीने कहा, लालाजीको मृत्युसे जो स्थान रिक्त हुआ है, उसे भरना कठिन है। उन्हें गौरवमय और देशभक्त के लिए वांछनीय मृत्यु प्राप्त हुई । महात्माजीने आश्रमके निवासियोंसे कहा कि वे लालाजीके जीवनसे सबक लें और उनकी उच्च कर्त्तव्य भावनाका अनुकरण करें।
मैं नहीं मानता कि लालाजीकी मृत्यु हो गई; वस्तुतः वे जीवित हैं ।
- [ अंग्रेजीसे ]
- ट्रिब्यून २०-११-१९२८
८२. अहिंसा-सम्बधी कुछ समस्याएँ
बछड़ेसे सम्बन्धित पत्र तो अभीतक आते ही चले जा रहे हैं। मैं जितना समझा सकता था, उतना समझा चुका। जिन पत्रोंका उत्तर देना कुछ भी जरूरी था, उनके उत्तर भी दे चुका । इसलिए विशेष लिखना नहीं चाहता । किन्तु कितने ही पत्र-प्रेषक सच्ची उलझन सुलझानेके लिए या मुझे उलझनमें डालनेके लिए मुझसे जो प्रश्न पूछते हैं, उनका उत्तर देना मैं धर्म समझता हूँ ।
(१)
ऐसा एक पत्र यह रहा :
मेरा लड़का चार महीने का है। वह जन्मके पन्द्रहवें दिन से बीमार पड़ा है और उसकी बीमारी किसी तरह नहीं जाती। कितने ही डाक्टरों और वैद्योंकी दवा कराई किन्तु जरा भी आराम नहीं हुआ। कुछ डाक्टरोंने तो दवा देनेसे इनकार कर दिया है। इलाज करनेवाले डाक्टरको तथा मुझे ऐसा जान पड़ता है कि
- ↑ १. निम्नलिखत प्रस्तावनाके साथ फ्री प्रेस द्वारा प्रसारित : “ आज शाम सत्याग्रह आश्रम में प्रार्थनाके बाद आश्रमवासियोंको सम्बोधित करते हुए महात्मा गांधीने विह्वल स्वरमें लालाजीकी मृत्युका दुःखद समाचार सुनाया ।"