पूरा कर पाऊँगा । अतः मेरा सभी लोगोंसे अनुरोध है कि वे मेरी उपर्युक्त प्रार्थनाको ध्यानमें रखनेकी कृपा करें ।
- [ गुजरातीसे ]
- नवजीवन, १८-११-१९२८
८४. पंजाबका सिंह सो गया
शनिवारको जब 'नवजीवन' के पृष्ठ मशीनपर छपने जा रहे थे तब लाला लाजपतरायके पुत्रका यह तार मिला : “आज सुबह हृदयकी गति बन्द हो जानेसे लालाजी चल बसे ।" लालाजीके देहान्तका अर्थ है भारतके सौर-मण्डलसे एक महान नक्षत्रका अस्त हो जाना । लालाजी पंजाबके सिंह, भारतके वीर पुत्र, सच्चे सेवक और खरे देशभक्त थे । लालाजीने आधी सदी में जो सेवा की उसका ठीक-ठीक मूल्यांकन करना लगभग असम्भव है । भारतके संकटके समय लालाजीकी मृत्युको बर्दाश्त करना बहुत ही कठिन है। इसके बावजूद मेरी सलाह है कि लोगोंको शोकाकुल होनेकी बजाय उनके साहस, त्याग, सहनशीलता, उदारता, वीरता, देशभक्ति आदि महान गुणोंको अपने भीतर उतारना चाहिए और जिस स्वराज्यके लिए वे जिये और मरे उसके लिए लोगोंको भगीरथ प्रयत्न करना चाहिए। धन्य है वह देश जिसमें लालाजी जैसे नर-रत्न उत्पन्न हुए। ईश्वर उनकी आत्माको शान्ति और उनके परिवारको धैर्य बँधाये । समस्त भारत इस शोकमें उनके साथ है ।
- [ गुजरातीसे ]
- नवजीवन, १८-११-१९२८
८५. भ्रम
जान पड़ता है, अहमदाबाद में यह गलतफहमी फैली हुई है कि पिंजरापोलके भाइयोंका कोई शिष्टमण्डल बछड़े और बन्दरोंके मामलेमें मुझसे मिलनेके लिए आया था । ऐसा नहीं है । वास्तविकता तो यह है कि खुद मैंने उनसे कुत्तोंके उत्पात और पिंजरापोलके सम्बन्धमें बातें करनेकी प्रार्थना की थी और वे कृपापूर्वक मुझसे बातें करनेके लिए आये थे। जब वे मेरे पास आये तो मैंने बछड़ोंके मारे जाने और बन्दरोंसे सम्बन्धित अपने धर्म-संकटके बारेमें उनसे चर्चा भी की थी और उस विषयपर हम लोगों में स्नेहके साथ बातचीत हुई थी ।
- [ गुजरातीसे ]
- नवजीवन, १८-११-१९२८