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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 38.pdf/१२९

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तार : डॉ० मु० अ० अन्सारीको

सम्बन्धी हमारे अज्ञानमें अन्धविश्वास मिल जानेसे यह काम दुगुना मुश्किल हो गया है। हर गाँवमें सयाने आदमी होते हैं। पर जनताका सुख सम्पादन करनेके प्रश्नपर बारीकी से विचार करनेकी फुरसत उन्हें नहीं होती। वे जानते हैं कि गोसंवर्धनका काम ऐसा नहीं है जिससे लाखोंकी कमाईकी जा सके, और आरम्भमें खर्च कराने-वाला तो यह है ही । इसलिए कौन इसमें उनकी दिलचस्पी पैदा करा सकता है ? फिर भी उल्लिखित योजना राजा प्रजा दोनोंके समझने और विचारने लायक है । इसीलिए उसे कई मासतक अपनी फाइलमें रखने के बाद आज 'नवजीवन 'में छापनेका साहस किया है ।

[ गुजरातीसे ]
नवजीवन, २५-११-१९२८

१११. तार : डॉ० मु० अ० अन्सारीको

एक्सप्रेस

सत्याग्रहाश्रम, वर्धा
२५ नवम्बर, १९२८

डॉ० अन्सारी
महल, भोपाल

मैं आपके, मालवीयजीके और मन्त्री तथा कोषाध्यक्षके रूपमें घनश्यामदास बिड़लाके हस्ताक्षरों से लालाजी स्मारक के लिए अपील[] जारी करना चाहता हूँ। अपील लालाजी के राजनीतिक कार्योंको आगे बढ़ाने के लिए एकत्र किये जानेवाले कोषके लिए की जायेगी । आप तीनों कोषके उचित उपयोग के निर्णयके अधिकारसे युक्त न्यासी होंगे । कृपया वर्धाके पतेपर तार द्वारा अपीलमें अपना नाम देनेकी अनुमति सूचित करें ।

गांधी

अंग्रेजी (एस० एन० १३३३९ ) की फोटो-नकलसे ।
  1. १. देखिए “ अपील : लाजपतराय स्मारक कोषके लिए ", २६-११-१९२८ ।