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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 38.pdf/१४५

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१२९. पत्र : मोतीलाल नेहरूको

सत्याग्रहाश्रम, वर्धा
२८ नवम्बर, १९२८

प्रिय मोतीलालजी,

आपका इस १५ तारीखका पत्र मिला । मैं इतने दिनोंतक डॉ० विधान राय अथवा सुभाषकी ओरसे पुष्टिकी प्रतीक्षा करता रहा, लेकिन इस पत्रको लिखवाने तक, अर्थात् २८ तारीखकी सुबह तक, मुझे उनकी ओरसे कोई जवाब नहीं मिला है । मैंने सोमवारको डॉ० विधानको तार[] दिया मगर उसका भी कोई उत्तर नहीं मिला हैं । इस बीच मैंने एक कतरन देखी है, जो मैं आपको इस पत्रके साथ भेज रहा । जाहिर है, वे लोग प्रान्तीय सरकारोंको सहयोग करनेके लिए आमन्त्रित कर रहे हैं । यह भी स्पष्ट है कि अब कोई भेद नहीं रह गया है और यह प्रदर्शनी अब गरीब किसानों और अन्य आम लोगोंको कुछ शिक्षा देनेवाली प्रदर्शनीके बजाय एक आँखोंको अच्छी लगनेवाली प्रदर्शनी-भर होगी । यों ही खादीका भी जिक्र कर दिया गया है। लेकिन इस प्रदर्शनी में सच्चे अर्थोंमें मेरे अथवा खादीके लिए कोई जगह नहीं है । स्पष्टतः प्रदर्शनी में विदेशी वस्त्र अथवा अन्य किसी विदेशी वस्तुको शामिल करनेकी मनाही नहीं होगी। यह मैं नहीं कह सकता कि मैं इस बातसे दुःखी नहीं हूँ, लेकिन मैं नहीं चाहता कि आप इस विषयपर आगे कुछ करें। मैं आपको यह पत्र केवल जानकारी देनेके लिए लिख रहा हूँ । मैं नहीं चाहता कि आप इसमें हस्तक्षेप करें, क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वे दिलसे कायल हुए बिना अपना विचार यन्त्रवत् बदल लें अथवा यह कि हृदयमें कुछ और भावना रखते हुए यन्त्रवत् मेरी इच्छाओंका आदर करें। मुझे धैर्यपूर्वक और निरन्तर काम करते हुए इन कठिनाइयोंमें से होकर अपना रास्ता आप बनाना चाहिए। आखिरकार डॉ० विधान और सुभाष एक निश्चित विचारधाराका प्रतिनिधित्व करते हैं । जिस प्रकार मैं यह अपेक्षा करता हूँ कि वे मेरे मतका आदर करें, उसी तरह मुझे भी उनके विचारोंका आदर करना चाहिए। अन्ततोगत्वा वही मत हावी होगा, जो जनताके हितमें होगा । इस बातका निश्चय पहलेसे ही कौन कर सकता है कि कौन-सा मत जनताके हकमें है ?

मैं देखता हूँ कि अपनी रिपोर्टको लेकर आपको अपने मुसलमान मित्रोंकी ओरसे बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन देखता हूँ कि आप बड़े धैर्यके साथ और कुशलतापूर्वक इस गुत्थीको सुलझा रहे हैं। भगवान करे, आप अपने इस महान प्रयत्नमें पूर्ण रूपसे सफल हों ।

आपकी चिट्ठीसे मालूम होता है कि सम्मेलन २२ दिसम्बरको न होकर २६, २७ और २८ दिसम्बरको अर्थात् जो तिथियाँ मुस्लिम लीगके सम्मेलनके लिए तय

की गई हैं, उन्हीं तिथियोंको होगा। या मैं यह समझें कि सम्मेलन औपचारिक रूपसे २२ तारीखको आरम्भ होगा और २८ तक चलेगा ? अपने पत्रमें आपने जिस

  1. १. देखिए " तार : डॉ० विधानचन्द्र रायको ", २६-११-१९२८ ।